धनबाद में कोयला माफिया पर ED का बड़ा शिकंजा, 100 करोड़ की संपत्ति और निवेश का खुलासा…

राँची।झारखण्ड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने मंगलवार तड़के एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी कर कोयला कारोबार से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों के ठिकानों को खंगाला।
ED की 25 अलग-अलग टीमों ने सुबह करीब 5 बजे से धनबाद के विभिन्न इलाकों में एक साथ कार्रवाई शुरू की। यह छापेमारी कोयला माफिया एलबी सिंह और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े 25 ठिकानों पर की गई। कार्रवाई देर रात तक चलती रही, जिसमें बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
100 करोड़ रुपये की संपत्ति और निवेश फ्रीज
जांच के दौरान ED को आरोपियों के ठिकानों से नकदी, बैंक खातों में जमा रकम और म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। एजेंसी ने इन संपत्तियों और निवेश को फिलहाल फ्रीज कर दिया है।
इसके अलावा छापेमारी के दौरान 100 से ज्यादा जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, सेल डीड तथा कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। ED की टीम अब इन सभी दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन को किस तरह निवेश किया गया।
कोयला सिंडिकेट से जुड़े लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई
ED की इस कार्रवाई का फोकस धनबाद में सक्रिय कोयला सिंडिकेट पर रहा। जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी एलबी सिंह के अलावा अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव समेत कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।ED को शक है कि इन लोगों ने अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के जरिए बड़ी मात्रा में काला धन अर्जित किया और उसे अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया।
चार ECIR के आधार पर चल रही जांच
अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के लिए ED ने धनबाद में चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की हैं।जांच एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि अवैध कोयला कारोबार के जरिए एक बड़ा आर्थिक नेटवर्क तैयार किया गया था। ED अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इस मामले में ED इससे पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। 21 नवंबर 2025 को जांच एजेंसी ने एलबी सिंह और उनके सहयोगियों से जुड़े धनबाद और दुमका के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी।उस कार्रवाई में ED को 2.20 करोड़ रुपये नकद और 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज मिले थे। उस दौरान मिले साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर ED ने अब दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
ताजा कार्रवाई में मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर ED आने वाले दिनों में और पूछताछ कर सकती है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कोयला कारोबार से जुटाई गई रकम किन-किन माध्यमों से खपाई गई और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।धनबाद में कोयला तस्करी और अवैध खनन के खिलाफ ED की यह कार्रवाई इलाके के कोयला कारोबार में सक्रिय सिंडिकेट के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

