झारखण्ड भाजपा का महिला आक्रोश मार्चःचिलचिलाती धूप में सड़क पर उतरी महिलाएं, विपक्ष पर किया प्रहार…
राँची। नारी शक्ति वंदन अधिनियम सदन से पास कराने में विफल रही भाजपा इन दिनों कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के विरुद्ध आंदोलन कर रही है। इसी के तहत झारखण्ड प्रदेश भाजपा के द्वारा आज शनिवार को महिला आक्रोश मार्च निकाला गया।राजधानी राँची के मोरहाबादी में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने इस दौरान जेएमएम और कांग्रेस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।आक्रोश मार्च से पहले मोरहाबादी मैदान के समीप एक जनसभा आयोजित की गई। जिसमें पार्टी के प्रदेश स्तर के सभी बड़े नेता उपस्थित रहे।केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में आयोजित इस महिला आक्रोश कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सीएम रघुवर दास, पूर्व सीएम मधु कोड़ा, पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के अलावा नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद दीपक प्रकाश समेत आला नेता मौजूद थे।
इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य में चल रही जेएमएम, कांग्रेस और राजद की सरकार पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि परिवारवाद वाली पार्टी नहीं चाहती है कि महिलाएं सशक्त हो और राजनीतिक क्षेत्र में वह मजबूत हो।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता है।वहीं कांग्रेस को मैडम और प्रियंका गांधी के लिए चिंता है।ऐसे में देश की बहू बेटी बहने आक्रोशित हैं और इन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड में महिला उत्पीड़न की घटना चरम पर है 3 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना होती है और पुलिस प्रशासन चुप बैठी रहती है।ऐसे में इन महिलाओं ने अब तय कर लिया है कि सबक जरूर सिखाएंगे।इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने संबोधित करते हुए कहा कि यह परिवारवाद वाली पार्टी देश की महिलाओं के साथ धोखा देने वाली पार्टी है।
सदन में जिस तरह से विपक्षी दलों ने इस बिल के चर्चा के वक्त किया है उसे इस देश की बहनें नहीं भूलेंगी और सबक सिखाकर रहेंगी।इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस और राजद का चेहरा साफ हो गया है यह सिर्फ और सिर्फ महिलाओं को धोखा देने का काम करने वाली पार्टी है।
चिलचिलाती धूप के बावजूद प्रदेश भाजपा के द्वारा आयोजित इस महिला आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जेएमएम-कांग्रेस-राजद पर निशाना साधती नजर आईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लटकाने भटकाने और अटकाने का मानसिकता है।यही कुत्सित मानसिकता 17 अप्रैल को लोकसभा में देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जिस तरह से देश की महिलाएं टकटकी भरी निगाहें से देख रही थी कि उनका जो अधिकार 33% आरक्षण का है। वह उन्हें 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव मिलेगा और उन्हें नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा मगर वह नहीं हो सका। सबसे दुखद बात यह है कि लोकसभा में जिस तरह से इंडी गठबंधन के लोगों के द्वारा मेज थपथपाकर इस पर खुशी जाहिर की गई वह देश की महिलाएं बर्दाश्त नहीं करेंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टीकरण के लिए इस तरह कुकृत्य किया है, जिसे देश की बहनें कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अब तक महिलाओं को गुमराह करने का काम किया है विगत तीन दशकों से महिलाओं के 33%आरक्षण की बातें की जाती रही है।ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लागू करने के लिए पहल की लेकिन विपक्ष ने इसमें समर्थन नहीं किया।

