राँची में सीबीआई ने सेना के हवलदार समेत दो को घूस लेते किया गिरफ्तार,सेना की जमीन में अवैध निर्माण के लिए ले रहे थे रिश्वत…

 

राँची।सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने राजधानी राँची में सेना के एक जवान सहित दो को गिरफ्तार किया है।पूरा मामला सेना की जमीन पर निर्माण से जुड़ा हुआ है।सीबीआई के द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार एजेंसी ने डिफेंस लैंड NOC, R&O तथा FLT यूनिट में तैनात एक आर्मी हवलदार और उसके एक निजी सहयोगी को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला कथित तौर पर सेना की जमीन पर निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने की अनुमति से जुड़ा है, जो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को सामने लाता है।

मामले की जांच 30 जनवरी 2026 को दर्ज एक शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी हवलदार ने उससे डिफेंस लैंड पर चल रहे निर्माण कार्य को पूरा करने या फिर से शुरू करने की अनुमति के बदले कुल 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।जांच एजेंसी के अनुसार, हवलदार ने पहले ही 13 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये ऐंठ लिए थे।इसके बाद उसने किश्तों में बाकी पैसों की डिमांड की।आखिरकार, 30 जनवरी को वह 50,000 रुपये की अगली किश्त लेने को तैयार हो गया।सीबीआई ने शिकायत के आधार पर तत्काल जाल बिछाया। ट्रैप के तहत आरोपी हवलदार मुकेश कुमार राय और उसके निजी सहयोगी दिनेश कुमार राय को शिकायतकर्ता से निर्धारित राशि मांगते और लेते ही दबोच लिया गया दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई की टीम ने दोनों आरोपियों के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की,तलाशी में महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद हुए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार,आरोपी आर्मी हवलदार आर्मी की गिरफ्तारी जगरनाथपुर थाना क्षेत्र इलाके से हुई है।सिंह मोड़ निवासी शिवम उर्फ बिशु ने सीबीआई से शिकायत की थी।इसमें यह कहा गया था कि सुदर्शन अपार्टमेंट की ढलाई का काम पूरा करने के लिए हवलदार मुकेश कुमार राय पांच लाख रुपये घूस की मांग कर रहा है।वह बिरसा मुंडा एयरपोर्ट स्थित Defence Land NOC,R&O, FLT Unit 56 APO में पदस्थापित है।हवलदार का यह कहना है कि निर्माण कार्य सेना की जमीन पर हो रहा है।इसलिए निर्माण करने लिए उसे पांच लाख रुपये घूस चाहिए।इस माग में शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की। इसमें हवलदार द्वारा घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई।

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