झारखण्ड के नियोजन नीति पर आज आएगा झारखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला, बनी हुई है फैसले पर कितनो की नजर

रांची: झारखंड हाई कोर्ट मंगलवार को नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा.सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद पिछले महीने 22 जनवरी को इस मामले में झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को हाई कोर्ट के न्यायाधीश हरीश चंद्र मिश्रा न्यायाधीश ,एस चंद्रशेखर और न्यायाधीश दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला को सुरक्षित रख लिया था.बता दे कि
याचिकाकर्ता सोनी कुमारी ने याचिका दायर कर सरकार के द्वारा 13 जिला को आरक्षित किए जाने और 11 जिले को गैर आरक्षित करने के आदेश को दि चुनौती दी थी.

क्या है मामला:-

गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से 13 जिलों को आरक्षित करने और 11 को अनारक्षित करने के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है.कोर्ट ने हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति में 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी रोक लगा रखी है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय अब हाईकोर्ट में होगा.

रघुवर सरकार ने लिया था जिला आरक्षण का फैसला:-

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने अधिसूचित जिलों में सभी रिक्तियों को उसी जिले के लिए आरक्षित करने का फैसला किया था.उस दौरान ये भी निर्णय लिया था कि सभी पद अगले 10 साल के लिए संबंधित जिले के निवासियों के लिए आरक्षित होंगे.सोनी कुमारी और अन्य ने शत प्रतिशत आरक्षण देने के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दायर की है.इसमें कहा गया है कि किसी भी जिले में वहां के लोगों को शत प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जा सकता है, यह संविधान की भावना के प्रतिकूल है.

याचिकाकर्ता ने दी है दलील:-

याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि जहां तक पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र की बात है,वहां किसी तरह का नीतिगत निर्णय राज्यपाल के स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के स्तर पर ही लिया जा सकता है. पूर्व में इस मामले में एक्टिंग चीफ जस्टिस एचसी मिश्रा और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई हो चुकी है.अदालत ने सुनवाई के क्रम में हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति पर रोक भी लगायी थी.हालांकि बाद में हाइकोर्ट की डबल बेंच ने यह भी आदेश दिया था कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन हाइकोर्ट के अंतिम निर्णय से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी

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