सावन की तीसरी सोमवारी पर अशोकधाम में भीषण हादसा: अफवाह के बाद मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, कई घायल

लखीसराय (बिहार)।सावन के तीसरे सोमवार पर लखीसराय जिले के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोकधाम) में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। अशोकधाम हॉल्ट के पास अफवाह के बाद अचानक मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

​जलाभिषेक के लिए लगी थी लंबी कतारें, अचानक बदला माहौल

​सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। महिला और पुरुष श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल था, लेकिन अशोकधाम हॉल्ट के पास हुई एक घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

​ट्रेन की आहट, पोल गिरा और फैल गई करंट की अफवाह

​हादसे की असल वजह पर आधिकारिक जानकारी देते हुए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने बताया कि अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों दिशाओं से अचानक ट्रेनें आ गईं। ट्रेनों को देखकर कुछ युवकों ने भाग-दौड़ शुरू कर दी। इसी आपाधापी में वहां स्थित बिजली का एक पोल नीचे गिर गया।

​पोल गिरते ही मौके पर तेजी से अफवाह फैल गई कि 11 हजार वोल्ट का हाई-टेंशन तार टूट गया है और जमीन पर करंट फैल चुका है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार उस समय बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद थी और तार कवर किए हुए थे। लेकिन करंट फैलने की इस अफवाह ने श्रद्धालुओं के बीच भारी दहशत पैदा कर दी।

​अफवाह बनी काल: मची भगदड़, दबने से 8 महिलाओं ने तोड़ा दम

​जैसे ही करंट की अफवाह फैली, जान बचाने के लिए लोगों में बदहवासी में भागने की होड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी और भगदड़ की चपेट में आने से 8 महिला श्रद्धालुओं की मौके और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। शुरुआती खबरों में मृतकों की संख्या 7 बताई जा रही थी, लेकिन बाद में इलाज के दौरान एक और महिला की मौत के साथ आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया। दबने और दम घुटने के कारण कई अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

​राहत-बचाव कार्य तेज, सदर अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। मंदिर प्रबंधन, पुलिस और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई।

​सभी घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों के जरिए आनन-फानन में लखीसराय सदर अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में और इजाफे की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया गहरा शोक

​लखीसराय के अशोकधाम में हुए इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा:​”लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”

 

​अशोकधाम में मुख्य शिव मंदिर के साथ मां पार्वती, नंदी महाराज और मां दुर्गा का पवित्र धाम है, जहां हर सावन में लाखों श्रद्धालु आते हैं। लेकिन आज सुबह एक महज अफवाह के कारण 8 परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं।

error: Content is protected !!