दुमका: पत्तल बेचकर लौट रही युवती से झारखण्ड-बंगाल सीमा पर सामूहिक दुष्कर्म, दो नामजद आरोपियों की हुई पहचान…

दुमका।झारखण्ड के दुमका जिले से एक बेहद शर्मनाक और आक्रोशित करने वाली वारदात सामने आई है। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे टोंगरा थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम सखुआ पत्ता से बनी थालियां (पत्तल) बेचकर घर लौट रही एक युवती को तीन दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बना लिया। इस मामले में पीड़िता की सूझबूझ से दो मुख्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है, जो पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के मुताबिक, पीड़िता सोमवार को पश्चिम बंगाल के राजनगर थाना क्षेत्र में सखुआ पत्ते की थालियां बेचने गई थी। दिनभर मेहनत करने के बाद शाम को जब वह टोंगरा स्थित अपने घर वापस लौट रही थी, तभी झारखण्ड-पश्चिम बंगाल सीमा के पास पहले से घात लगाए बैठे तीन युवकों ने उसे घेर लिया।
आरोपियों ने जबरन युवती को एक सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। देर शाम किसी तरह रोते-बिलखते अपने घर पहुँची।पीड़िता ने अपनी माँ को आपबीती सुनाई। इसके बाद मंगलवार को माँ अपनी बेटी को लेकर टोंगरा थाना पहुँची और न्याय की गुहार लगाते हुए मामला दर्ज कराया।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में तीन में से दो आरोपियों की स्पष्ट पहचान की है। दोनों नामजद आरोपी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला अंतर्गत राजनगर थाना क्षेत्र के कुड़लमटिया गाँव के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान दीपक राणा और सर्वेश्वर सोरेन के रूप में हुई है। वहीं, तीसरा आरोपी फिलहाल अज्ञात है। टोंगरा थाना पुलिस ने दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
चूँकि घटना झारखण्ड के टोंगरा थाना क्षेत्र में हुई है और मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल के हैं, इसलिए पुलिस अब दोनों राज्यों की सीमा पर मुस्तैद होकर अंतरराज्यीय तालमेल के साथ अपराधियों की धरपकड़ के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
”सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर के आधार पर पुलिस ने त्वरित गति से मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता को नियमानुसार मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”— गुरूचरण मांझी, थाना प्रभारी, टोंगरा

