जंगल में छिपे माओवादी ठिकानों का खुलासा, हथियारों का जखीरा बरामद,309 जिंदा कारतूस के साथ इंसास-एसएलआर समेत कई हथियार मिले

सरायकेला। माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सरायकेला-खरसावां पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान लगातार तेज हो रहा है। गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ के दौरान मिले अहम सुराग के बाद सुरक्षा बलों ने कुचाई के सिकरम्बा जंगल और चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी के ऊपर दलमा जंगल में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। घने और दुर्गम जंगल में चलाये गये इस अभियान में माओवादियों के छिपे ठिकानों से हथियार, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और विस्फोटक बरामद किये गये।
बरामदगी में एक इंसास, एक एसएलआर, दो .303 राइफल और एक देसी पिस्टल शामिल है। इसके अलावा सुरक्षा बलों को अलग-अलग हथियारों के कुल कई मैगजीन और चार्जर भी मिले। तलाशी के दौरान 309 जिंदा कारतूस बरामद किये गये। जंगल से एक आईईडी और दो डेटोनेटर मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते ने आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
तीन गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ के बाद मिली थी जानकारी
पुलिस के मुताबिक, हाल में भाकपा माओवादी संगठन के सब जोनल कमेटी सदस्य रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार, रीजनल कमेटी सदस्य मदन महतो उर्फ शंकर महतो और सब जोनल कमांडर मीना पहाड़िया उर्फ नेपु पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया था। तीनों को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गयी।पूछताछ में संगठन के फरार सदस्यों के साथ-साथ जंगल में छिपाकर रखे गये हथियार और गोला-बारूद से जुड़ी जानकारी सामने आयी। इसी इनपुट को आधार बनाकर सुरक्षा बलों ने चिन्हित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जंगल की जमीन के नीचे छिपे हथियारों तक पहुंची टीम
दुर्गम और घने जंगल में सुरक्षा बलों ने बेहद सावधानी के साथ तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गये हथियार और विस्फोटक बरामद हुए। बरामद हथियारों में 5.56 एमएम इंसास, 7.62 एमएम एसएलआर और दो .303 राइफल शामिल हैं। इसके साथ एक 9 एमएम देसी पिस्टल भी बरामद की गयी।सुरक्षा बलों को .303 राइफल की तीन मैगजीन, इंसास की चार मैगजीन, एसएलआर की तीन मैगजीन और देसी पिस्टल की दो मैगजीन भी मिलीं। इसके अलावा आठ चार्जर बरामद किये गये।
309 गोलियों का जखीरा, विस्फोटक भी मिला
बरामद कारतूसों में 7.62 एमएम के 171, 5.56 एमएम के 126 और 9 एमएम के 12 कारतूस शामिल हैं। इस तरह कुल 309 जिंदा कारतूस बरामद किये गये।
तलाशी के दौरान एक आईईडी और दो डेटोनेटर भी मिले। विस्फोटक मिलने के बाद बीडीएस टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने आईईडी को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
25 सदस्यीय टीम ने संभाला मोर्चा
संयुक्त अभियान में करीब 25 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया। इसमें सरायकेला-खरसावां एसपी मनोज स्वर्गियारी, सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, चांडिल एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार, 26वीं वाहिनी एसएसबी रांची व मातकमडीह कैंप के शक्ति सिंह, कोबरा 209 व टीम खूंटी के विपुल राज समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।
कांड्रा, चांडिल, नीमडीह, सरायकेला, खरसावां, कुचाई, चौका और गम्हरिया समेत कई थाना क्षेत्रों की पुलिस टीम ने अभियान में सहयोग किया।
माओवादी नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति
पुलिस का कहना है कि जंगलों में छिपाकर रखे गये हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी से माओवादी नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ के आधार पर आगे भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर अभियान चलाया जायेगा। सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।

