JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते गिरफ्तार, 20 तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या; तीन सदस्यों ने भी छोड़ा पद

राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID का शिकंजा अब आयोग के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। सोमवार को जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि CID की टीम ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी उनसे कई दौर में पूछताछ कर चुकी थी।
28 जुलाई से लगातार पूछताछ, अब गिरफ्तारी
इस्तीफे के बाद से ही एल. खियांग्ते CID की जांच के घेरे में थे। 28 जुलाई से उनसे लगातार परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े अहम सवाल पूछे जा रहे थे।CID ने परीक्षा के संचालन से लेकर प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन और आयोग स्तर पर लिए गए फैसलों तक की जानकारी खंगाली। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसी ने अब उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।
सरकारी आवास से JPSC दफ्तर तक CID की दस्तक
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि CID पहले ही एल. खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में तलाशी ले चुकी है।तलाशी के दौरान परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की जांच की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितता आखिर किस स्तर पर हुई, किसके इशारे पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
20 गिरफ्तारियां, जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद JPSC परीक्षा कथित गड़बड़ी मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 तक पहुंच गई है।
CID अब परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी, तत्कालीन आयोग अधिकारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि जांच में कई और कड़ियां खुल सकती हैं।
JPSC में इस्तीफों की झड़ी! तीन सदस्यों ने भी छोड़ी कुर्सी
इधर, JPSC विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद—ने भी सोमवार को इस्तीफा दे दिया।इन इस्तीफों को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। खास बात यह है कि इन सदस्यों को भी कथित परीक्षा अनियमितताओं के सिलसिले में CID ने पूछताछ के लिए नोटिस दिया था।एक तरफ पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी, दूसरी तरफ तीन सदस्यों का इस्तीफा—JPSC विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। CID की जांच आगे बढ़ने के साथ यह देखना अहम होगा कि कथित अनियमितताओं की अगली कड़ी किस तक पहुंचती है और इस पूरे मामले में कौन-कौन से नए नाम सामने आते हैं।

