चर्चित कमल भूषण हत्याकांड के सरकारी गवाह पर फायरिंग की कोशिश, तानी पिस्टल और दबाया ट्रिगर… लेकिन मिसफायर से बची मुनव्वर की जान
राँची। राजधानी राँची के बहुचर्चित कमल भूषण हत्याकांड में अहम सरकारी गवाह बनकर आरोपियों को सजा तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मुनव्वर अफाक पर रविवार सुबह जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। कांटाटोली चौक के पास बाइक सवार अपराधियों ने मुनव्वर को निशाना बनाकर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन हथियार से गोली नहीं चली। मुनव्वर के मुताबिक, अपराधियों ने उस पर पिस्टल तानी और ट्रिगर दबाया, लेकिन मिसफायर होने के कारण उसकी जान बच गई।वारदात के बाद बाइक सवार अपराधी लोवाडीह चौक, नामकुम की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही लोअर बाजार थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। वहीं, जिस दिशा में अपराधी भागे हैं, उस ओर भी पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।
कांटाटोली में अचानक सामने आए बाइक सवार, तानी पिस्टल
मुनव्वर अफाक के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8 बजे वह कांटाटोली चौक के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान बाइक सवार तीन अपराधी उसके पास पहुंचे। मुनव्वर का कहना है कि इनमें से एलेक्स और विशाल उर्फ कटला नाम के दो अपराधियों ने उस पर हमला किया, जबकि तीसरे व्यक्ति की वह पहचान नहीं कर सका।
मुनव्वर के मुताबिक, हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश की। ट्रिगर दबाए जाने के बावजूद गोली नहीं चली। इसी दौरान मुनव्वर वहां से बच निकला और अपराधी लोवाडीह की ओर भाग गए।मुनव्वर ने घटना के बाद लोअर बाजार थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित जानकारी दी है। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
‘मिसफायर नहीं होता तो आज मेरी जान चली जाती’
हमले के बाद मुनव्वर अफाक ने बताया कि उसे पहले भी धमकियां मिलती रही हैं। उसका कहना है कि कमल भूषण हत्याकांड में सरकारी गवाह बनने के बाद से ही वह आरोपियों और उनके लोगों के निशाने पर रहा है।मुनव्वर ने आशंका जताई है कि कमल भूषण हत्याकांड में सजा काट रहे डब्ल्यू कुजूर और राहुल कुजूर के इशारे पर उस पर हमला कराया गया हो सकता है। हालांकि, इस आरोप की पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है।मुनव्वर का कहना है कि अदालत में उसकी गवाही मामले में महत्वपूर्ण रही थी। उसने कहा कि रविवार की घटना में हथियार से गोली चल जाती तो उसकी जान जा सकती थी। मिसफायर होना ही उसकी जिंदगी बचने की सबसे बड़ी वजह बनी।
एलेक्स और विशाल उर्फ कटला का नाम सामने आया, तीसरे की पहचान नहीं
मुनव्वर ने पुलिस को दिए अपने बयान में हमले में शामिल बताए जा रहे एलेक्स और विशाल उर्फ कटला के नाम बताए हैं। तीसरे हमलावर की पहचान वह नहीं कर सका है। मुनव्वर की ओर से दोनों के पीएलएफआई से जुड़े होने की बात भी कही गई है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल पुलिस जांच का विषय है।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर कौन थे, उनका मकसद क्या था और क्या उनका संबंध कमल भूषण हत्याकांड के किसी आरोपी से है।
थाना प्रभारी पूरी टीम के साथ एक्टिव, CCTV से खुलेगा राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए लोअर बाजार थाना प्रभारी लव कुमार सिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए हैं। पुलिस कांटाटोली चौक और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा जिस रास्ते से हमलावर लोवाडीह की ओर भागे, उस दिशा में भी फुटेज और अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं।लोअर बाजार थाना प्रभारी लव कुमार सिंह ने बताया कि मुनव्वर अफाक ने अपने ऊपर हमले की जानकारी दी है। उसके लिखित बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कमल भूषण हत्याकांड में सरकारी गवाह बना था मुनव्वर
राँची के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी कमल भूषण की हत्या ने वर्ष 2022 में राजधानी को हिला दिया था। 30 मई 2022 को पिस्का मोड़ स्थित देवी मंडप रोड के पास गैलेक्सिया मॉल के समीप अपराधियों ने गोली मारकर कमल भूषण की हत्या कर दी थी। घटना के समय वह फोन पर बात कर रहे थे।कमल भूषण और डब्ल्यू कुजूर के बीच जमीन के कारोबार, पैसों के लेन-देन और पारिवारिक विवाद को लेकर लंबे समय से विवाद की बात सामने आई थी। इसी दौरान डब्ल्यू कुजूर के बेटे राहुल कुजूर का कमल भूषण की बेटी से प्रेम विवाह भी हुआ था। पुलिस की जांच में इन विवादों को हत्याकांड की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा गया।हत्याकांड के बाद कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय कुमार की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय कमल भूषण के आर्थिक मामलों को देखता था। इस हत्या को भी पैसों और विवाद से जोड़कर जांच की गई थी।
फाइल फोटो-गिरफ्तारी के बाद फोटो-अदनान,राहुल कुजूर,डब्ल्यू कुजूर और मुनव्वर
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ था हत्याकांड का नेटवर्क
कमल भूषण हत्याकांड की जांच के दौरान राँची पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सहयोग से दिल्ली के गाजीपुर इलाके से आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में डब्ल्यू कुजूर, राहुल कुजूर, अदनान और मुनव्वर अफाक की गिरफ्तारी हुई थी।
बाद में मुनव्वर अफाक इस मामले में मुख्य सरकारी गवाह बन गया। अदालत में उसकी गवाही को मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण माना गया।
22 सितंबर 2025 को तीन आरोपियों को उम्रकैद
कमल भूषण हत्याकांड में 22 सितंबर 2025 को अदालत ने राहुल कुजूर, डब्ल्यू कुजूर और काविस अदनान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, सरकारी गवाह बने मुनव्वर अफाक को अदालत ने बरी कर दिया था।मामले के अन्य आरोपी छोटू कुजूर समेत कुछ अन्य आरोपी अभी जेल में हैं और उनके खिलाफ ट्रायल चल रहा है।
अब उसी हत्याकांड के सरकारी गवाह मुनव्वर अफाक पर हुई फायरिंग की कोशिश ने पुराने मामले से जुड़े विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला कमल भूषण हत्याकांड की पुरानी रंजिश से जुड़ा है या इसके पीछे कोई दूसरा कारण है? पुलिस की जांच और CCTV फुटेज से आने वाले दिनों में इस हमले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

