सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक: ED की 3 दिवसीय छापेमारी में TMC सांसद नदीमुल हक का कच्चा-चिट्ठा खुला..

— TMC सांसद के ठिकानों समेत 9 जगहों पर छापेमारी, 60 करोड़ का संदिग्ध कैश, बिटकाइन कनेक्शन और फर्जी सर्कुलेशन का पर्दाफाश

​राँची/कोलकाता।प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस-II ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता, राँची और नई दिल्ली में 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। 7 से 9 सितंबर 2026 तक चली इस मैराथन कार्रवाई ने ‘अखबार-ए-मशरिक़’ मीडिया समूह और उससे जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है। इस रेड की जद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक का आवास, मेसर्स अखबार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड, क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग और मशरिक़ मीडिया प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रमुख संस्थाएं आईं।

​प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,ED की इस कार्रवाई की नींव बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज उस प्राथमिकी (FIR) पर टिकी है, जिसमें उर्दू दैनिक “अखबार-ए-मशरिक़” और उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित करने तथा खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में जो सच सामने आया, उसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। कंपनी ने कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और जे एंड के बैंक में कई खाते चला रखे थे, जिनमें 60 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध नकद जमा किया गया था। इतना ही नहीं, कर्नाटक बैंक के जिन तीन खातों में करीब 5.60 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, उन्हें बाद में चुपचाप बंद भी कर दिया गया।

​ईडी के अनुसार,वित्तीय धांधली की परतें खंगालने पर बिटकॉइन (क्रिप्टोकरेंसी) की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला खेल भी सामने आया है। बिना किसी वैध व्यावसायिक कारण के, संदिग्ध स्रोतों से मिले पैसों से क्रिप्टोकरेंसी खरीदी गई थी। इसके अलावा, भारी-भरकम विज्ञापन राजस्व ऐंठने के लिए अखबार की प्रसार संख्या (सर्कुलेशन) को फर्जी तरीके से कई गुना बढ़ाकर दिखाने का गंभीर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। असलियत में छपाई बेहद कम थी, लेकिन कागजों पर फर्जी आंकड़े दिखाकर विज्ञापन के नाम पर करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था।

​तीन दिनों तक चले इस सर्च ऑपरेशन में ED की टीमों ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। साथ ही अखबार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में मौजूद लगभग ₹5.25 करोड़ का बैंक बैलेंस तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। ED अधिकारियों के अनुसार मामला बेहद पेचीदा है और इस वित्तीय नेटवर्क के अन्य तारों का पता लगाने के लिए आगे की जांच तेज गति से जारी है।

error: Content is protected !!