गिरिडीह:निकाय चुनाव के मतदान के बाद गोलीबारी मामले पांच गिरफ्तार, हथियार बरामद..

 

गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह में नगर निकाय चुनाव के बाद वार्ड संख्या 18 में हुई हिंसक घटना के संबंध में पुलिस एक पक्ष के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में दो लोग गोली लगने से घायल हुए थे।यह घटना 23 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, आजाद नगर अनुजाति टोला स्थित मतदान केंद्र के पास हुई थी। किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गया।

तनावपूर्ण स्थिति के दौरान भीड़ में से किसी ने गोली चला दी, जिससे मोहम्मद शमीम और मोहम्मद शेरू घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर किया।

मामले में प्राप्त आवेदन के आधार पर पचंबा थाना में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। रबीना खातून के बयान पर घायल मोहम्मद शमीम और मोहम्मद शेरू के संबंध में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव के नेतृत्व में चार टीमों ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान शिवम कुमार श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद, अमित विश्वकर्मा, आकाश हांडी, मंजीत पासवान और किशोर पासवान को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एक 7.65 एमएम का देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियार और अन्य सामान जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पूछताछ में घटना से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

इधर एक तरफा कार्रवाई होने से लोगों में आक्रोश भी बढ़ रहा है।स्थानीय लोगों का मानना  है कि वार्ड 18 में हुई गोलीकांड का जांच पूरा होने से पहले ही एक समुदाय विशेष के लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन इनका झगड़ा हुआ किस्से था ? सुबह अगर एक बार वारदात हो चुकी थी तो शाम में यह फिर कैसे हो गया। ऐसा तो नहीं है कि इस घटना की वीडियो सामने नहीं आ रहे साफ दिख रहा है कि मार पीट दूसरे पक्ष से भी हुई लेकिन उनकी एक गिरफ्तारी नहीं हुई है ? क्या आजाद नगर में सिर्फ एक ही दोषी था कारवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। एक धनबल में कमजोर हो तो उसे जेल और दूसरे को छोड़ देना गलत होगा। हिंसा अगर हुई तो दोनों पक्ष शामिल थे तो गिरफ्तार सिर्फ झिंझरी मोहल्ला से क्यों हो रहे है।यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए एक तरफा काम और तुष्टिकरण जनता देख रही है । 

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