राँची में ‘थार’ से दौड़ रहा था नशे का नेटवर्क, जमीन का धंधा मंदा पड़ा तो कारोबारी बन गया कफ सिरप तस्कर

राँची।राजधानी राँची में जमीन के कारोबार में आई मंदी ने एक कारोबारी को ऐसा रास्ता दिखाया, जिसने उसे सीधे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। कभी प्रॉपर्टी डीलिंग के जरिए कमाई करने वाला बॉक्सी खान उर्फ जावेद अब प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप की सप्लाई का सरगना बन चुका था। लेकिन उसका यह खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका। बरियातू थाना पुलिस ने रविवार को कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया और गिरोह के सरगना बॉक्सी खान के साथ उसके साथी सौरभ कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, बॉक्सी बरियातू बस्ती का रहने वाला है, जबकि उसका सहयोगी सौरभ कुमार गुप्ता लालपुर के रेडियम रोड का निवासी है। गुप्त सूचना के आधार पर बरियातू स्थित डॉक्टर्स कॉलोनी में छापेमारी की गई, जहाँ से बॉक्सी के कब्जे से एक एसयूवी थार (JH01GE-2211) बरामद हुई। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें से प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप की 122 बोतलें मिलीं। पूछताछ के दौरान बॉक्सी इन दवाइयों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि वह कोलकाता से कफ सिरप लाकर राँची में अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जमीन के कारोबार में मुनाफा घटने के बाद बॉक्सी ने अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ मिलकर नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन तैयार कर ली थी। उसने अपने पुराने परिचितों और जमीन कारोबार से जुड़े युवकों को ही ग्राहक बनाया, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को उसके असली धंधे की भनक न लगे। अनजान लोगों के सामने वह खुद को प्रॉपर्टी कारोबारी बताकर अपनी पहचान छिपाता था।
पुलिस की जांच में यह खुलासा भी हुआ कि बॉक्सी ने तस्करी के लिए लग्जरी एसयूवी थार का इस्तेमाल इसलिए शुरू किया, ताकि पुलिस को शक न हो। उसे लगता था कि महंगी गाड़ी में सफर करने वालों पर कम संदेह किया जाता है। इसी भरोसे वह शहर के अलग-अलग इलाकों में नशीले कफ सिरप की खेप पहुँचाता था। हालांकि बरियातू पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चल सकी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कोलकाता से राँची तक नशीले कफ सिरप की सप्लाई में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शहर में किन-किन लोगों तक यह प्रतिबंधित कफ सिरप पहुँचाया जाता था। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है।
बरियातू पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि यह सिर्फ दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित सप्लाई नेटवर्क था, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।

