राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध राय का एफआईआर में कुबूलनामा : बाउंड अधिकारी की अनुपस्थिति में फर्जी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में तस्करी करते थे शराब

-यूपी-दिल्ली भेजने के लिए डंप थी 303 पेटी अवैध शराब, उत्पाद विभाग के एसआई व प्लांट के बाउंड पदाधिकारी ने दर्ज कराई है प्राथमिकी

राँची।राँची से सटे ओरमांझी में स्थित मेसर्स तरंगनी लिकर्स प्राईवेट लिमिटेड (टाईअप मैसर्स रेडिको खेतान लिमिटेड) शराब विनिर्माणशाला फैक्ट्री में हुई छापेमारी मामले में चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। उत्पाद विभाग के एसआई व प्लांट के लिए अधिकृत बाउंड पदाधिकारी रूपेश कुमार ने इस मामले में ओरमांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें यह बताया गया है कि राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध राय ने पकड़े जाने के बाद पूछताछ में कुबूल किया कि जब्त अवैध शराब दूसरे राज्यों में भेजे जाने के लिए रखा गया था। सुबोध राय ने बताया कि उनकी फैक्ट्री की निगरानी के लिए तैनात बाउंड पदाधिकारी रूपेश के पास इस इकाई के अलावा दो अन्य अंचलों का भी प्रभार थे। जब वे अधिकारी दूसरे क्षेत्रों के सरकारी कार्यों में व्यस्त रहते थे, तो उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर यह सिंडिकेट फैक्ट्री में अतिरिक्त अवैध शराब का निर्माण करता था। इसके बाद उन पर यूपी, दिल्ली और बिहार के फर्जी लेबल/टैग लगाकर, नकली कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में तस्करी के लिए भेज दिया जाता था। इस मामले में बीते मंगलवार देर रात उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। जिसके बाद इस पूरे काले खेल के मास्टरमाइंड और कंपनी के संचालक व राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार उर्फ सुबोध राय को उनके दो सहयोगियों वैशाली निवासी देवेन्द्र भगत व रविकांत राय को गिरफ्तार किया था।

7 जुलाई तक देना है जवाब, लाइसेंस रद्द करने का डीसी लेंगे निर्णय

ओरमांझी स्थिति बॉटलिंग प्लांट तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड में पकड़े गए अवैध 303 पेटी नकली शराब व 70 लीटर बीयर की जांच तेज हो गई है। उत्पाद विभाग ने तरंगिनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक और जिस कंपनी मेसर्स रेडिको खेतान लिमिटेड के शराब की बॉटलिंग होती थी उससे 7 जुलाई तक जवाब मांगा है। संचालक से जवाब मांगा गया है कि 303 पेटी अवैध शराब उनके प्लांट में आया कहा से। जो अवैध शराब मिले है उनपर सेल फॉर उत्तर प्रदेश व सेल फॉर दिल्ली का लेबल कैसे लगा हुआ था। वहीं जिस कंपनी के शराब के बॉटलिंग यहां होती थी उक्त कंपनी से यह जवाब मांगा गया है कि कंपनी ने किन किन ब्रांड को तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड में बॉटलिंग की अनुमति दी थी। जिन ब्रांड का अनुमति दी गई थी वह सेल फॉर झारखण्ड थे या फिर कई और के लिए भी इकरारनामा हुआ है। इन दोनों के जबाव मिलने के बाद ही राँची उपायुक्त इस मामले में निर्णय लेंगे कि तरंगनी लीकर्स का लाइसेंस रद्द करना है या नहीं। फिलहाल अवैध शराब पकड़े जाने के बाद प्लांट को सील कर दिया गया है। प्लांट में बॉटलिंग बंद है।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिक्री के लिए बने थे शराब

पकड़े गए शराब में जो लेबल लगे हुए थे वह उत्तर प्रदेश व दिल्ली में बिक्री के लिए थे। जिन शराब की बोतलों को उत्पाद की टीम ने जब्त किया उसमें चार तरह के ब्रांड थे।

-आफ्टर डार्क ब्लू रेयर ग्रेन व्हिस्की (180 मिलीलीटर): 218 पेटी (सिर्फ उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए, बैच नंबर- 03/11 जून 26)
– 8पीएम प्रीमियम ब्लैक सुपीरियर व्हिस्की (180 मिलीलीटर): 07 पेटी (सिर्फ उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए)
– रॉयलसन गोल्ड व्हिस्की (375 मिलीलीटर): 22 पेटी (सिर्फ दिल्ली में बिक्री के लिए)
– रॉयलसन गोल्ड व्हिस्की (750 मिलीलीटर): 56 पेटी (सिर्फ दिल्ली में बिक्री के लिए)

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