धनबाद की कंपनी के मैनेजर को चरही में किया अगवा, बकाया वसूली के लिए बंधक बनाने की थी साजिश;पांच गिरफ्तार

चरही की सीसीएल तपिन साउथ परियोजना में काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी के मैनेजर को बनाया निशाना; कंपनी पर वाहन मालिकों का लाखों रुपये किराया था बकाया, धनबाद से चरही पहुंचते ही किया अगवा; कोडरमा ले जाकर बंधक बनाने की थी तैयारी, पुलिस ने सकुशल छुड़ाया

हजारीबाग।लाखों रुपये के बकाया वाहन किराये की वसूली के लिए पांच लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए एक आउटसोर्सिंग कंपनी के मैनेजर का अपहरण कर लिया। अपराधियों ने मैनेजर को अगवा कर कोडरमा इलाके में ले जाने के बाद बंधक बनाकर कंपनी से रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। हालांकि, उनकी योजना पूरी होती, इससे पहले ही हजारीबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत मैनेजर को सकुशल बरामद कर लिया और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो काली लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं।

मामला हजारीबाग जिले के चरही थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार,31 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे तपिन साउथ सीसीएल परियोजना, चरही में कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कंपनी के मैनेजर भास्कर कुमार (करीब 35 वर्ष), पिता पंकज कुमार सिंह, निवासी धनबाद का अपहरण कर लिया गया था। भास्कर कुमार धनबाद की एनईपीएल आउटसोर्सिंग कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

लाखों का किराया बकाया, इसी विवाद में रची गई अपहरण की साजिश

पुलिस के अनुसार, अपहरण के पीछे लाखों रुपये के वाहन किराये का विवाद सामने आया है। दरअसल, जब एनईपीएल आउटसोर्सिंग कंपनी चरही स्थित सीसीएल परियोजना में काम कर रही थी, उस दौरान आरोपियों के वाहन कंपनी के काम में लगाए गए थे। इन वाहनों के इस्तेमाल के एवज में वाहन मालिकों का लाखों रुपये किराया बकाया था।इसी बीच कंपनी चरही की परियोजना से काम समेटकर धनबाद चली गई। कंपनी का मुख्यालय भी धनबाद में ही है। वाहन मालिक लंबे समय से अपने बकाया किराये की वसूली की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि कंपनी का मैनेजर भास्कर कुमार किसी काम से चरही आने वाला है। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उसे निशाना बनाने की योजना बनाई।

मैनेजर के चरही पहुंचने की जानकारी मिलते ही आरोपी वहां पहुंचे और उसका अपहरण कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का मकसद मैनेजर को बंधक बनाकर कंपनी से बकाया रकम की मांग करना था। अपहरण के बाद उसे कोडरमा इलाके की ओर ले जाया गया था। लेकिन आरोपियों की इस योजना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पानी फेर दिया।

एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम, कोडरमा की ओर जाने से पहले कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक हजारीबाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (बरही) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विष्णुगढ़) के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इसमें चरही थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध वाहनों की पहचान कर छापेमारी शुरू की। लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा अपहृत मैनेजर को सकुशल बरामद कर लिया।

दो काली लग्जरी गाड़ियां जब्त, एक पेन ड्राइव भी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई दो काली लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। इनमें एक काली स्कॉर्पियो (JH02AU-4625) और दूसरी काली क्रेटा (JH02BK-3586) शामिल है। इसके अलावा एक पेन ड्राइव भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

चौपारण, ईचाक और मुफस्सिल क्षेत्र के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस अपहरण कांड में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

1.राजेश यादव, पिता वासुदेव यादव, ग्राम मटभिड़िया, थाना चौपारण, जिला हजारीबाग।
2.बक्की कुमार, पिता जयप्रकाश मेहता, ग्राम जमुवारी, थाना ईचाक, जिला हजारीबाग।
3.आनंद कुमार मेहता, पिता नागेश्वर प्रसाद मेहता, ग्राम बड़कीधावर, थाना ईचाक, जिला हजारीबाग।
4.दिलीप प्रसाद मेहता, पिता चन्द्रेश्वर प्रसाद मेहता, ग्राम बड़ासी, थाना मुफस्सिल, जिला हजारीबाग।
5.मनीष कुमार, पिता खालेश्वर महतो, ग्राम अलौजा खुर्द, थाना ईचाक, जिला हजारीबाग।

किराया वसूलने के नाम पर कानून हाथ में लेना पड़ा भारी

पुलिस के मुताबिक, वाहन किराये का भुगतान नहीं होने से आरोपियों और कंपनी के बीच विवाद था। लेकिन बकाया रकम वसूलने के लिए किसी व्यक्ति का अपहरण करना और उसे बंधक बनाकर फिरौती की तरह पैसे मांगने की योजना बनाना गंभीर अपराध है। वाहन मालिकों ने कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय कानून अपने हाथ में लिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि पांचों को पुलिस की गिरफ्त में आना पड़ा।

इस संबंध में चरही थाना कांड संख्या 88/26, दिनांक 01.11.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3)/3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरही एवं विष्णुगढ़, चरही थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ थाना के पुलिस पदाधिकारी, चरही और अन्य थाना के पुलिसकर्मी तथा तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरण की वारदात का खुलासा हुआ और मैनेजर को सुरक्षित बचा लिया गया।

 

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