पहले टांगी से वार, फिर जलती चिता में फेंकने का आरोप; दो साल बाद आरोपी गिरफ्तार
गुमला। गुमला के कोराम्बी गांव में करीब दो साल पहले हुई एक खौफनाक वारदात ने फिर सुर्खियां बटोरी हैं। एक बुजुर्ग को कथित तौर पर जमीन विवाद में पीटने के बाद जलती चिता में डाल देने के मामले में फरार चल रहे आरोपी करमपाल उरांव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले के दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस कार्रवाई जारी है।
मामला 26 दिसंबर 2024 का बताया जा रहा है। प्राथमिकी के अनुसार, कोराम्बी गांव की मंगरी देवी की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। 25 दिसंबर को टोंगरी इंदरा के समीप उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसी दौरान गांव के बुजुर्ग बुद्धेश्वर उरांव भी वहां मौजूद थे।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि जमीन विवाद को लेकर झड़ी उरांव और उसके पुत्र करमपाल उरांव ने बुद्धेश्वर उरांव के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान झड़ी उरांव ने टांगी से बुद्धेश्वर के सिर पर वार किया।इसके बाद घटना ने और भयावह रूप ले लिया। प्राथमिकी के मुताबिक, मारपीट करने के बाद दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बुद्धेश्वर उरांव को घसीटकर अंतिम संस्कार के लिए जल रही चिता में डाल दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बुद्धेश्वर का अधिकांश शरीर जल चुका था।
घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी करमपाल उरांव को पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं, मामले में नामजद दूसरे आरोपी झड़ी उरांव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

