खाकी से उलझे नशे के सौदागर:जवानों से हाथापाई,हथियार छीनने की कोशिश, पुलिस की बहादुरी से टली बड़ी वारदात…पढ़ें बुधवार की रात में क्या हुआ हिंदपीढ़ी में….
राँची।राजधानी के हिंदपीढ़ी में ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार की जड़ें किस कदर गहरी हो चुकी हैं, इसकी बानगी मोती मस्जिद के पास देखने को मिली।रूटीन गश्त पर निकले टाइगर मोबाइल के जवानों ने जब सरेराह नशीले पाउडर का सौदा होते देखा और एक खरीदार को धर दबोचा, तो तस्करों के पूरे कुनबे ने पुलिस पर ही धावा बोल दिया।लात-घूंसे बरसाए गए और जवान की सर्विस पिस्टल तक छीनने की पुरजोर कोशिश हुई।जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए न सिर्फ अपनी जान और हथियार की हिफाजत की, बल्कि आरोपियों को बेनकाब करते हुए हिंदपीढ़ी थाने में नामजद केस दर्ज कराया है।

शाम के झुरमुटे में चल रही थी ब्राउन शुगर की ‘डीलिंग’
घटना 2 सितंबर 2026 की शाम करीब 7 बजे की है।राँची जिला बल (टाइगर-24) के जवान आरिफ आलम और आईआरबी-4 के जवान स्वामीनाथ यादव इलाके में रूटीन संध्या गश्ती पर थे।उनका मुख्य टास्क ड्रग्स पैडलरों और संदिग्धों पर नजर रखना था।जैसे ही दोनों जवान मोती मस्जिद के सामने पहुंचे, सड़क पर दो युवक खुलेआम ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते रंगेहाथ दिख गए।
सप्लायर हुआ नौ दो ग्यारह, खरीदार ने ‘शोर’ मचाकर जुटा ली भीड़
जवानों की आहट पाते ही नशा बेच रहा सप्लायर संकरी गलियों का फायदा उठाकर भाग निकला, लेकिन गश्ती टीम ने नशा खरीद रहे युवक को मौके पर ही दबोच लिया।पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम मेराज बताया। खुद को कानून के शिकंजे में कसता देख मेराज ने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही उसके माता-पिता और परिजन घर से बाहर निकल आए और देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ जुटा ली।
‘पिस्टल छीनो’… और जवानों पर बरस पड़े लात-घूंसे
भीड़ जुटते ही माहौल अचानक हिंसक हो उठा। 3 से 4 लोग अचानक दोनों जवानों पर झपट पड़े और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर पकड़ा गया आरोपी मेराज जवान आरिफ आलम की कमर में लगी सरकारी पिस्टल छीनने लगा।सिपाही आरिफ और उनके साथी स्वामीनाथ ने खुद को घिरता देख मोर्चा संभाला।जानलेवा हमले के बावजूद दोनों जवानों ने जबड़े की तरह अपनी सर्विस पिस्टल को पकड़े रखा और उपद्रवियों के हाथ हथियार नहीं लगने दिया।
थाने से सायरन बजते ही गलियों में दुबके हमलावर
जवानों ने हमले के बीच ही सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत हिंदपीढ़ी थाने को वायरलेस और फोन पर इमरजेंसी बैकअप का मैसेज दिया। थाने से पेट्रोलिंग गाड़ी और अतिरिक्त पुलिस बल का सायरन गूंजते ही हमलावरों के हाथ-पांव फूल गए।खाकी की भारी आमद देख सभी हमलावर जुटी भीड़ की आड़ लेकर मौके से फरार हो गए. हमले में दोनों पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।
वीडियो फुटेज में कैद हुए चेहरे, 4 नामजद समेत अज्ञात पर एफआईआर
जवान आरिफ आलम का कहना है कि वे लगातार इलाके में सक्रिय ड्रग माफियाओं के खिलाफ धरपकड़ अभियान चला रहे हैं, इसी की खुन्नस निकालने के लिए पूर्व नियोजित साजिश के तहत उन पर हमला कराया गया। घटनास्थल के फोटो और वीडियो फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित कर लिया है।प्राथमिकी में मोती मस्जिद निवासी मो. इमरान (पिता- मो. कलाम), मो. तबरेज, मेराज (पिता- मो. नईम), मो. नईम और 3-4 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हथियार छीनने की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।पुलिस अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।

