झारखण्ड में फिर टावर बना विरोध का मंच…धनबाद में युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर, सीएम और विधायक से बात की लगाई शर्त…
धनबाद। झारखण्ड में अपनी बात सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने का सिलसिला अब एक बार फिर चर्चा में है। धनबाद के टुंडी में गुरुवार सुबह एक 24 वर्षीय युवक अपनी मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। युवक नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था और पुलिस के सामने शर्त रख दी कि उसकी मुख्यमंत्री और विधायक जयराम महतो से बातचीत कराई जाए। इसके बाद मौके पर घंटों हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
मामला टुंडी थाना क्षेत्र के लछु रायडीह पंचायत अंतर्गत बादलपुर काजी टोला का है। यहां रहने वाले जाहिद अंसारी गुरुवार सुबह करीब 8 बजे अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गए। युवक को टावर पर चढ़ा देख आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए और हर किसी की नजर टावर पर बैठे युवक पर टिक गई।
नीचे उतरने के लिए रख दी ‘बड़ी शर्त’
सूचना मिलने के बाद टुंडी पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतरने के लिए समझाने लगी। लेकिन जाहिद अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने पुलिस के सामने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री और टुंडी के विधायक जयराम महतो से उनकी बातचीत नहीं कराई जाती, वह नीचे नहीं उतरेंगे।
पुलिस ने काफी देर तक युवक को समझाया। उसे बताया गया कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उचित माध्यम से प्रयास किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उसे राँची ले जाकर मुलाकात कराने की बात भी कही गई। काफी मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार युवक टावर से नीचे उतरने को तैयार हुआ।
टावर से उतरते ही सिस्टम पर निकाली भड़ास
टावर से नीचे आने के बाद जाहिद ने मीडिया के सामने अपनी परेशानी रखी। उसने अपनी मांगों और व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, उसकी मांगों और समस्या की पूरी जानकारी सामने नहीं आ सकी है।घटना के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस बात को लेकर भी चर्चा करते रहे कि आखिर ऐसी कौन-सी परेशानी थी, जिसके लिए युवक को अपनी जान जोखिम में डालकर मोबाइल टावर पर चढ़ना पड़ा।
झारखण्ड में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
टुंडी की यह घटना अकेली नहीं है। झारखण्ड के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मांगों, नौकरी, मुआवजा, प्रशासनिक कार्रवाई या किसी व्यक्तिगत समस्या को लेकर लोगों के मोबाइल टावर पर चढ़ने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कई बार ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है और लोगों की जान बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तक चलाना पड़ता है।
यानी अब सवाल सिर्फ जाहिद के टावर पर चढ़ने का नहीं, बल्कि यह भी है कि आखिर लोगों को अपनी आवाज ऊपर तक पहुंचाने के लिए टावर की ऊंचाई का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है? हालांकि, पुलिस का मानना है कि किसी भी समस्या का समाधान इस तरह जान जोखिम में डालकर नहीं किया जाना चाहिए।
थाना प्रभारी बोले- सोशल मीडिया के लिए जोखिम न लें
टुंडी थाना प्रभारी उमाशंकर ने युवाओं से इस तरह का जोखिम भरा कदम नहीं उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आजकल कुछ युवा सोशल मीडिया पर चर्चा में आने और व्यूज बढ़ाने के लिए भी खतरनाक कदम उठाने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि अपनी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि अपनी जान खतरे में डालनी चाहिए।
फिलहाल जाहिद के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। लेकिन यह घटना एक बार फिर झारखण्ड में बढ़ते ‘टावर पर चढ़कर विरोध’ के मामलों को लेकर सवाल खड़े कर गई है।

