चाईबासा में इंसाफ की जीत: युवती से गैंगरेप के 5 दरिंदों को 25-25 साल की कठोर कैद, अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला

चाईबासा।झारखण्ड के पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित चाईबासा की एक अदालत ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली सामूहिक दुष्कर्म की घटना में न्याय की एक मजबूत मिसाल कायम की है। द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो (POCSO) एक्ट के विशेष न्यायाधीश संतोष आनंद प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पांचों अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें 25-25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।
अदालत द्वारा सजा पाए गए सभी पांचों अपराधी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कातिगुटु गांव के निवासी हैं। दोषियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- सिंगराय पूरती उर्फ पिंटु
- हरिचरण पाड़ेया उर्फ लोकेया
- हरिचरण पूरती उर्फ जरोय पूरती
- चंद्र पूरती उर्फ विशाल
- सुलेमान पुरती उर्फ सोले
जानिए क्या थी पूरी घटना?
यह खौफनाक वारदात सितंबर 2023 की है। पीड़िता के अनुसार, अप्रैल 2023 में उसकी सगाई खरसावां के रहने वाले संजय मुंडा के साथ तय हुई थी और जनवरी 2024 में दोनों की शादी होने वाली थी। 21 सितंबर 2023 को पीड़िता अपने मंगेतर संजय मुंडा के बुलावे पर उससे मिलने चाईबासा आई थी। मुलाकात के बाद संजय उसे घुमाने के लिए मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बारीजोल गांव के मैदान की तरफ ले गया। दोनों मैदान में टहल रहे थे कि तभी उनका पूर्व परिचित विशाल पूरती वहां पहुंचा और उनसे बातचीत करने लगा।
अचानक हमला और दरिंदगी:
बातचीत के कुछ ही देर बाद तीन अज्ञात लोग वहां पहुंचे और अचानक पीड़िता और उसके मंगेतर के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दो अन्य लोग भी वहां आ धमके। हमलावरों ने मंगेतर को कसकर पकड़ लिया और दो लोग युवती के साथ जबरदस्ती करने लगे। पीड़िता ने जब इसका कड़ा विरोध किया, तो उन्होंने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी दी।
झाड़ियों में ले जाकर की हैवानियत, गिड़गिड़ाती रही पीड़िता
स्थिति को बिगड़ता देख पीड़िता का मंगेतर किसी तरह मदद की गुहार लगाने के लिए वहां से निकला। मंगेतर के जाते ही अपराधियों का हौसला और बढ़ गया। दो आरोपी पीड़िता को जबरन घसीटते हुए पास की झाड़ियों में ले गए, जहां पांचों दरिंदों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पीड़िता हैवानों के सामने हाथ जोड़कर छोड़ देने की भीख मांगती रही, लेकिन उन पर रहम का कोई असर नहीं हुआ। दरिंदगी को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी युवती का बैग छीनकर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने पीड़िता को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। लूटे गए बैग में 300 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागजात थे।
पुलिस की मदद से पहुंची अस्पताल, फिर दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद किसी तरह मंगेतर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। बदहवास हालत में पड़ी पीड़िता को उठाकर तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा पहुंचाया गया।इलाज के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए 21 सितंबर 2023 को ही मुफस्सिल थाने में नामजद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की तफ़्तीश की और सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।
अदालत में पेश किए गए पुख्ता सबूतों, गवाहों के बयानों और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर विशेष अदालत ने मामले को बेहद गंभीर माना और सभी पांचों आरोपियों को 25-25 साल की सख्त सजा सुनाकर न्याय का संदेश दिया।

