जमशेदपुर: डिमना डैम में MGM मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टर डूबे, इलाके में मची अफ़रा-तफ़री

जमशेदपुर।झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध डिमना डैम से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टर डिमना डैम के पानी में डूब गए हैं। देर रात हुए इस हादसे के बाद पूरे कॉलेज प्रशासन और आसपास के क्षेत्र में सन्नाटा पसार गया है।
प्रांभिक जानकारी के मुताबिक, लापता जूनियर डॉक्टरों की पहचान समीर और सक्षम के रूप में हुई है। वे शुक्रवार तड़के लगभग ढाई बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज से बाहर निकले थे। बताया जा रहा है कि उनके साथ कुल तीन लोग थे। इनमें से एक डॉक्टर की इमरजेंसी ड्यूटी लगी हुई थी, फिर भी उन्हें साथ ले जाया गया था।
घूमने के दौरान दोनों डॉक्टर डिमना डैम के किनारे पानी की ओर चले गए। अचानक संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाज़ा न होने के कारण दोनों पानी में डूब गए। हादसा होते ही वहां मौजूद तीसरे साथी के बीच अफ़रा-तफ़री मच गई।
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद बोड़ाम थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। स्थिति को देखते हुए गोताखोरों की मदद ली जा रही है और पानी में दोनों डॉक्टरों की लगातार तलाश की जा रही है। मौके से जूते/चप्पल भी बरामद हुए हैं।फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। घटना के संबंध में अधिकृत जानकारी और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
इधर स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की देर रात एमजीएम कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर दोस्त एक साथ घूमने के लिए डिमना लेक पहुंचे थे।लेक के समीप रहने के दौरान अचानक हादसा हो गया और दो डॉक्टर पानी के तेज बहाव और गहराई की चपेट में आकर डूबने लगे. तीसरे साथी ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन असफलता मिलने पर वह बदहवास हालत में तुरंत कॉलेज पहुंचा और सहकर्मियों व प्रशासन को हादसे की जानकारी दी।सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे हालांकि, रात का अंधेरा होने और लेक की गहराई अधिक होने के कारण गुरुवार रात गोताखोर पानी में नहीं उतर सके और खोजबीन का काम रोकना पड़ा। शुक्रवार सुबह होते ही बोड़ाम थाना पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीम की मदद से डिमना लेक में तलाशी अभियान शुरू किया गया।

