JPSC घेराव के बाद कांग्रेस भवन की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ता, सुभाष चौक पर हाई वोल्टेज ड्रामा

 

राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में बुधवार को राजधानी राँची में राजनीतिक और छात्र संगठनों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने JPSC मुख्यालय का घेराव किया। कड़ी सुरक्षा, बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी JPSC कार्यालय तक पहुंच गए और परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने किया। हजारों कार्यकर्ताओं और छात्रों ने JPSC के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आयोग को “झोलझाल पब्लिक कमीशन” बताते हुए आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

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कांग्रेस भवन की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ता, सुभाष चौक पर पुलिस ने रोका

JPSC कार्यालय घेराव के बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस भवन की ओर मार्च करने लगे। हालांकि सुभाष चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। एक ओर भाजपा और दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने डटे रहे। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी हुई, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस भवन की ओर अंडे भी फेंके। मौके पर “राहुल गांधी चोर है”, “पप्पू-पप्पू”, “फर्जी गांधी” जैसे राजनीतिक नारे लगाए गए। इसके साथ ही “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष भी सुनाई दिए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, कोतवाली एएसपी समेत कई थानों की पुलिस और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे। बाद में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को वापस भेजे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बैरिकेड हटाकर सड़क पर यातायात सामान्य करा दिया गया। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी।

छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने JPSC परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि आयोग ने बार-बार संशोधित उत्तर कुंजी जारी की, लेकिन विवादित प्रश्नों के सही उत्तरों का आधिकारिक स्रोत सार्वजनिक नहीं किया। छात्रों ने कटऑफ अंक सार्वजनिक करने और प्रत्येक विवादित प्रश्न का प्रमाण उपलब्ध कराने की मांग की।

एक अभ्यर्थी ने दावा किया कि उसने 152 प्रश्न सही किए थे और प्रारंभिक परीक्षा पास होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परिणाम में उसका चयन नहीं हुआ। उसका आरोप था कि कई सही उत्तरों को गलत और गलत उत्तरों को सही माना गया, जबकि कुछ प्रश्नों को बिना स्पष्ट कारण के हटा दिया गया।

होटल में उत्तर पुस्तिका लिखवाने और करोड़ों के लेनदेन का दावा

प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए। एक छात्र ने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों को होटल में बैठाकर कई घंटों तक उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाई गईं। वहीं एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने 40 से 45 लाख रुपये देकर मेंस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अलग स्थान पर लिखीं। छात्र ने यह भी कहा कि यदि उसकी पहचान सुरक्षित रखी जाए तो वह संबंधित लोगों के नाम सार्वजनिक करने को तैयार है।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराई गई, उत्तर कुंजी में लगातार बदलाव किए गए और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा टूट गया है।हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी तक JPSC या किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक परीक्षा का विरोध करना नहीं, बल्कि झारखण्ड की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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