जमीन विवादों की जांच वाली SIT पर लगा ब्रेक..पूर्व DGP की बनाई टीम खत्म, तीनों DSP मूल विभाग लौटे

 

राँची। जमीन से जुड़े विवादों और शिकायतों की जांच के लिए पूर्व डीजीपी सह डीजी सीआईडी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। SIT में प्रतिनियुक्त तीनों डीएसपी को पुलिस मुख्यालय ने उनके मूल विभाग में वापस भेजने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही जमीन विवादों से जुड़ी इस विशेष जांच व्यवस्था का भविष्य भी फिलहाल थम गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से 21 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत जैप-10 की डीएसपी सुमनगिनी नाग, डीएसपी तारामणि बाखला और एटीएस के डीएसपी प्रदीप पाल कच्छप को उनके पैतृक विभाग में वापस भेज दिया गया है।

दरअसल, पूर्व सीआईडी डीजी ने जमीन से जुड़े विवादों और शिकायतों की जांच के लिए 12 अगस्त 2024 को सीआईडी में SIT का गठन किया था। इसके बाद जमीन की खरीद-बिक्री, कब्जे, दस्तावेजों में कथित हेराफेरी और अन्य विवादों से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें  तक पहुंचीं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें राँची जिले के विभिन्न अंचलों से संबंधित थीं।

SIT की जांच पर पहले ही लग चुका था ब्रेक

अनुराग गुप्ता के पद से हटने के बाद एसआईटी की जांच व्यवस्था को निष्क्रिय कर दिया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच को लेकर विवाद खड़े होने के बाद सीआईडी स्तर से SIT की सक्रियता रोक दी गई थी। अब तीनों DSP की मूल विभाग में वापसी के आदेश के बाद SIT का पूरा ढांचा ही समाप्त हो गया है।

 

एसआईटी की जांच और अनुशंसा के बाद जमीन से जुड़े एक मामले में चुटिया थाना में तत्कालीन अंचल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई के बाद मामला काफी चर्चा में आया था और पुलिस महकमे में भी इसका असर देखने को मिला था।बताया जा रहा है कि SIT के पास पहुंची शिकायतों में जमीन के दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी से लेकर खरीद-बिक्री और कब्जे से जुड़े मामले शामिल थे। जांच के दौरान SIT ने संबंधित जिला प्रशासन और अंचल कार्यालयों से दस्तावेज भी मांगे थे।अब तीनों DSP की वापसी के साथ सवाल यह है कि SIT के पास लंबित जमीन विवादों और शिकायतों का आगे क्या होगा और उनकी जांच किस स्तर पर होगी।

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