हिमांशु सिंह हत्याकांड पर उबाल: एनडीए के ‘जमशेदपुर बंद’ से थमा शहर, सड़क पर उतरे विधायक, बाजार-परिवहन सब ठप

 

जमशेदपुर। चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को एनडीए द्वारा आहूत ‘जमशेदपुर बंद’ का व्यापक असर पूरे शहर में देखने को मिला। सुबह होते ही जमशेदपुर की रफ्तार थम गई। प्रमुख बाजारों के शटर नहीं खुले, सार्वजनिक परिवहन लगभग पूरी तरह बंद रहा और कई निजी शिक्षण संस्थानों में भी सन्नाटा पसरा रहा।

बिष्टुपुर, साकची, जुगसलाई, बर्मामाइंस, मानगो, आदित्यपुर और गम्हरिया समेत शहर के अधिकांश इलाकों में दुकानें बंद रहीं। यहां तक कि रोजमर्रा की चाय-नाश्ते की छोटी दुकानें भी नहीं खुलीं। सुबह कुछ ऑटो रिक्शा सड़कों पर जरूर नजर आए, लेकिन करीब नौ बजे के बाद उनका परिचालन भी बंद हो गया। निजी वाहनों को छोड़ दें तो सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप रहा।

बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा और जदयू के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर गए। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने लोगों और व्यापारियों से बंद का समर्थन करने की अपील की। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की और पूरे शहर की स्थिति पर लगातार नजर रखी।

औद्योगिक क्षेत्र भी बंद की चपेट में रहा। आदित्यपुर-गम्हरिया मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों को लेकर जा रही बसों को रोक दिया। इसके चलते बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बिना ड्यूटी किए ही वापस लौटना पड़ा, जिससे औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।शिक्षण संस्थानों पर भी बंद का असर साफ दिखाई दिया।अधिकांश निजी स्कूल और कॉलेज बंद रहे, जबकि सरकारी विद्यालयों ने अभिभावकों को हालात को देखते हुए अपने विवेक से बच्चों को स्कूल भेजने का विकल्प दिया।

राजनीतिक स्तर पर भी बंद के दौरान सक्रियता देखने को मिली। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में विधायक पूर्णिमा साहू ने मोर्चा संभाला, जबकि पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में विधायक सरयू राय स्वयं कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर बंद का नेतृत्व करते नजर आए।

एनडीए नेताओं ने दावा किया कि बंद को शहरवासियों का व्यापक समर्थन मिला और हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और बेहतर कानून-व्यवस्था की मांग को लेकर यह बंद बुलाया गया था, जिसका असर पूरे शहर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

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