वर्दी पर दाग: दहेज उत्पीड़न और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

राँची।कानून की रक्षा करने वाली खाकी एक बार फिर खुद गंभीर आरोपों के घेरे में है। बोकारो पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राँची के ओरमांझी से सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा यह दारोगा आखिरकार पुलिस के तकनीकी इनपुट और घेराबंदी के आगे झुक हो गया।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा घटनाक्रम बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बीते 26 जून को सब-इनस्पेक्टर संतोष यादव की पत्नी, पिंकी कुमारी का शव उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता हुआ मिला था। इस मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पिंकी के मायके वालों का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि लगातार मिल रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का नतीजा है।
सड़क पर उतरे परिजन, गोमिया चौक पर चक्का जाम
घटना के अगले ही दिन, यानी 27 जून को गुस्सा फूटा। मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर गोमिया चौक पर घंटों चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि संतोष यादव और उसके घरवाले पिंकी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।आरोपी सब-इंस्पेक्टर की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के लिखित आश्वासन और मामले की गंभीरता को देखते हुए ही लोगों ने जाम हटाया था।
फरारी और पुलिस का ‘एक्शन प्लान’
मामला दर्ज होते ही आरोपी सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव फरार हो गया था। बोकारो एसपी के निर्देश पर इस हाई-प्रोफाइल मामले के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया। संतोष लगातार पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन बोकारो पुलिस की तकनीकी सेल ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।अंततः, सटीक सूचना के आधार पर राँची के ओरमांझी इलाके में जाल बिछाया गया और आरोपी दारोगा को दबोच कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया।

