नौकरी की चाह में बेटे ने रची पिता की हत्या की साजिश, 10 लाख की सुपारी देकर दोस्तों से कराया कत्ल..
धनबाद।झारखण्ड के धनबाद जिले के बरोरा थाना क्षेत्र में हुए एएमपी कोलियरी के कर्मी तुलेश्वर नोनिया हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस बेटे पर पिता को सहारा देने की जिम्मेदारी थी, वही पिता की मौत के बाद मिलने वाली नौकरी के लालच में उनका दुश्मन बन बैठा। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक का मंझला बेटा विजय चौहान ही इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है।
ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब ने प्रेस वार्ता में बताया कि बीसीसीएल कर्मी तुलेश्वर नोनिया की सेवा के केवल दो वर्ष शेष थे। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने की मंशा से विजय ने अपने दो दोस्तों अखिलेश मल्लाह और अमित सिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोप है कि उसने पिता की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी तय की थी।
पुलिस के अनुसार, विजय ने खुद को शक के दायरे से दूर रखने के लिए पहले ही एक योजना तैयार कर ली थी। उसने घरवालों को बताया कि वह औरंगाबाद में एक रिश्तेदार की शादी में जा रहा है और घटना वाले दिन घर से निकल गया। उधर, रात में ड्यूटी खत्म होने के बाद अमित और अखिलेश तुलेश्वर नोनिया को बाइक पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले गए।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने तुलेश्वर नोनिया की हत्या करने के बाद पहचान मिटाने के इरादे से पत्थर से उनका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया। इसके बाद हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश में शव को मुख्य सड़क पर फेंक दिया गया।
मामले की जांच के दौरान एएमपी कोलियरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हुई। फुटेज में तुलेश्वर नोनिया को अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह के साथ बाइक पर जाते हुए देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी खोदोबेली और डुमरा इलाके के एक होटल में बैठकर शराब पी रहे थे। मुख्य आरोपी अखिलेश मल्लाह का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह पहले कोयला और डीजल चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।
पुलिस ने विजय चौहान समेत हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू यह है कि पुलिस के दावों और सबूतों के बावजूद मृतक की पत्नी और बेटी अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि विजय अपने ही पिता की हत्या की साजिश रच सकता है।इस हत्याकांड ने न सिर्फ इलाके को झकझोर दिया है, बल्कि रिश्तों, लालच और भरोसे को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

