रमेश सिंह मुंडा मर्डर केस: आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को हाईकोर्ट से मिली जमानत..
राँची। झारखण्ड हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्या मामले में आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा की ओर से दायर क्रिमिनल याचिका के तहत जमानत पर सुनवाई की। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने प्रार्थी और एनआइए का पक्ष सुना। मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद खंडपीठ ने प्रार्थी को जमानत दी।इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि वह अब सरकारी गवाह बन गया है और उसकी गवाही भी हो चुकी है।मामले में ट्रायल चल रहा है।
यह मामला बुंडू थाना कांड संख्या 65/2008 से संबंधित है। 9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।इस घटना को लेकर बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए मामले की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंपी गई थी।एनआइए ने इस पूरी साजिश की जांच की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इसी क्रम में 8 जुलाई 2016 को आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को गिरफ्तार किया गया था। मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब एनआइए ने 23 नवंबर 2017 को राम मोहन सिंह मुंडा को ‘एप्रूवर’ यानी सरकारी गवाह बना दिया।इसके बाद आरोपी ने मामले से जुड़े कई रहस्यों पर अपना बयान भी दर्ज कराया था।

