बालू के नीचे दफन था मौत का राज! नदी किनारे निकला महिला का हाथ-पैर, मचा हड़कंप; सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
चतरा।झारखण्ड के चतरा और राँची जिले की सीमा से सटे सपही नदी क्षेत्र में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने बालू से बाहर निकला एक मानव हाथ और पैर देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि बालू में एक महिला का शव दबा हुआ है। इस भयावह दृश्य से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।जानकारी के अनुसार, पंडरिया पुल से करीब 200 मीटर दूर मगरदाहा बंद ओपन कास्ट माइंस के समीप नदी के बीचों-बीच शव दबा मिला। महिला के शरीर का अधिकांश हिस्सा बालू के अंदर था, जबकि हाथ और पैर बाहर दिखाई दे रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि शव कई दिनों पुराना लग रहा था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी।
मृतका ने गुलाबी रंग के कपड़े पहन रखे थे। शव जिस हालत में मिला, उसे देखकर हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए बालू में दफन किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग मौके पर जुट गए। लेकिन सनसनीखेज मोड़ तब आया जब शव मिलने के बाद भी पुलिस कार्रवाई क्षेत्राधिकार के विवाद में उलझी रही। चूंकि घटनास्थल राँची और चतरा जिले की सीमा पर है, इसलिए दोनों जिलों की पुलिस मौके पर पहुंची, मगर लंबे समय तक यह तय नहीं हो सका कि मामला किस थाना क्षेत्र में आता है
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि महिला के शव की बरामदगी जैसी गंभीर घटना में तत्काल कार्रवाई के बजाय पुलिस सीमा तय करने में व्यस्त रही। इस बीच पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं और दहशत का माहौल बना रहा।पुलिस का कहना है कि क्षेत्राधिकार स्पष्ट होते ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। महिला की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अब सबकी नजर इस रहस्यमयी मौत के खुलासे पर टिकी है।

