पलामू में पारा शिक्षक की गला रेतकर बेरहमी से हत्या,जांच में जुटी पुलिस…

पलामू। झारखण्ड के पलामू जिले के छतरपुर में एक सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात के पीछे किसी ‘अपनों’ की गद्दारी और गहरी साज़िश की बू आ रही है।चिल्हो खुर्द निवासी उदय सिंह का शव गुरुवार रात छतरपुर मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर नगदारा गांव के पास मिला।वह गांव के स्कूल में सहायक अध्यापक थे और झोला छाप डॉक्टर के रूप में भी लोगों का इलाज करते थे। पुलिस के अनुसार, उदय सिंह को किसी परिचित ने फोन कर घर से बुलाया था। आशंका है कि उन्होंने बुलाने वाले व्यक्ति के साथ घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बैठकर शराब पार्टी की थी।

गुरुवार की रात जब उदय सिंह घर नहीं लौटे, तो परिजनों के दिल की धड़कनें बढ़ गईं। अनहोनी की आशंका में परिवारवाले टॉर्च लेकर रात में ही ढूंढने निकले। पाटन जाने वाले मार्ग पर जब वे पहुंचे, तो नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।सड़क के किनारे उदय सिंह की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में खड़ी थी। परिजनों ने जब झाड़ियों और आसपास की तरफ रुख किया, तो कुछ ही दूरी पर उदय सिंह का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था।

​सूचना मिलते ही छतरपुर पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब क्राइम सीन (घटनास्थल) का मुआयना किया, तो वहां से शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग वो ‘आखिरी फोन कॉल’ है। मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है ताकि पता चल सके कि रात को उन्हें किसने और क्यों बुलाया था।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्यारा कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे उदय सिंह अच्छी तरह जानते थे, इसलिए साक्ष्य मिटाने और पुलिस को भटकाने के लिए इस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया।मामला पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का लग रहा है। घटनास्थल से कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्धों की लिस्ट तैयार की जा रही है। कातिल चाहे कितना भी शातिर हो, जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।

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