गिरिडीह:नाबालिग बनी माँ !.. सदर अस्पताल के बाथरूम में दिया बच्चे को जन्म,मचा हड़कम्प..

 

गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह जिले में 14-15 साल की नाबालिग लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया है।लड़की ने गिरिडीह सदर अस्पताल के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया है।बच्चे को जन्म देने के बाद पीड़िता के साथ घरवाले नवजात को छोड़कर भागने की तैयारी में थे तभी नगर पुलिस पहुंच गई।नगर पुलिस के पहुंचने के बाद नवजात और पीड़िता की चैताडीह स्थित मातृत्व और शिशु इकाई ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।हालांकि इस घटना के बाद अस्पताल में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बताया जाता है कि शुक्रवार की शाम को उक्त गर्भवती लड़की अपने घरवालों के साथ सदर अस्पताल पहुंची। यहां पहुंचने के बाद उसे बाथरूम जाना पड़ा।यहीं पर उसने बच्चे को जन्म दिया।बाथरूम में बच्चा को जन्म देते ही अस्पताल में खलबली मच गई।अस्पताल की महिला कर्मी दौड़ी।पहले नवजात और उसकी मां को बाथरूम से सुरक्षित निकाला गया। इस बीच बच्चे को छोड़कर जच्चा को लेकर उसके घरवाले भागने की फिराक में थे। मामले की जानकारी तुरंत ही डीएस को दी गई।डीएस ने त्वरित एक्शन लेने का निर्देश दिया गया जिसके बाद नाबालिग मां और बच्चे को एम्बुलेंस पर लादकर चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु इकाई ले जाया गया।

इधर बताया जाता है कि नाबालिग लड़की बेंगाबाद थाना इलाके की है। मामले की जानकारी एसपी डॉ. बिमल कुमार को लगी। जिसके बाद एसडीपीओ सदर जीतवाहन उरांव को मामले की विस्तृत जानकारी लेने और पूरी जांच करने का निर्देश दिया गया। निर्देश पर थाना प्रभारी अमन कुमार को बच्ची के गांव भेजा गया।वहीं पीड़िता का बयान भी महिला पुलिस पदाधिकारी ने ली है।

“नाबालिग लड़की ने सदर अस्पताल के बाथरूम में नवजात को जन्म दी है। कर्मियों द्वारा जानकारी दिए जाने के तुरंत बाद ही जच्चा और बच्चा को चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु इकाई में भर्ती करवाया गया। लकड़ी की उम्र 14 वर्ष बतायी जा रही है।जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है”।-डॉ. प्रदीप बैठा, डीएस, सदर अस्पताल।

“बेंगाबाद थाना इलाके के एक गांव की नाबालिग लड़की के मां बनने की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है।महिला पदाधिकारी ने पीड़िता का बयान लिया है।आगे जांच चल रही है।”-जीतवाहन उरांव, एसडीपीओ, सदर.

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