बहरागोड़ा में सेना ने निष्क्रिय किए दो शक्तिशाली बम, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस…
जमशेदपुर/बहरागोड़ा।झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपाड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले दो शक्तिशाली बमों को भारतीय सेना की टीम ने सूझ-बूझ और सावधानी के साथ बुधवार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।सेना के विशेषज्ञों ने पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आसपास के लोगों को लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया।इसके बाद सेना की टीम ने पहले बम को दोपहर 12:22 बजे तथा दूसरे बम को 1:22 बजे डेटोनेटर के माध्यम से नियंत्रित तरीके से विस्फोट कर निष्क्रिय किया। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।दोनों बमों को निष्क्रिय करने के दौरान आसपास के कई इलाकों के लोग पहुँचे थे।लेकिन एक ढेड़ किलोमीटर पहले ही रहने की सबको हिदायत दी गई थी।
यह बम पिछले 9 दिनों से इलाके में पड़ा हुआ था, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ था।भारतीय सेना के जवानों ने नई तरकीब अपनाकर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए अमेरिकी बमों को डिफ्यूज किया।
बम को डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना के कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम मौके पर पहुंची।उनके साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत, डीसी एलआर नित निखिल और थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
सेना ने बम डिफ्यूज करने से पहले पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की।करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई। आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया। मौके पर अग्निशमन दल और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
भारतीय सेना के जवानों ने बम को निष्क्रिय करने के लिए नई और सुरक्षित तकनीक अपनाई। नदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर बम को जमीन के अंदर रखा गया और नियंत्रित तरीके से डेटोनेटर के माध्यम से विस्फोट किया गया।
जैसे ही बम को विस्फोट कर डिफ्यूज किया गया, पूरे इलाके में जोरदार धमाका हुआ।आग और धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता नजर आया। हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।
इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। सेना के अधिकारियों ने पुलिस बल को पहले ही जरूरी प्रशिक्षण और निर्देश दिए थे, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सका।
बम निष्क्रिय होने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय ग्रामीणों ने भारतीय सेना की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका धन्यवाद किया।

