राँची पुलिस ने करीब तीन महीने बाद ब्लाइंड मर्डर केस का किया खुलासा: 10 लाख रुपये की एफडी से नॉमिनी का नाम हटाने की हुई चर्चा तो महिला ने कथित प्रेमी शाहीन के साथ मिलकर करवा दी हत्या…
राँची।राजधानी राँची पुलिस ने चरितार्थ किया कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और इससे कोई बच नहीं सकता है।बीते साल 2025 के दिसंबर महीने में हुई एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।हत्याकांड में शामिल एक महिला समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।बता दें 5 दिसंबर 2025 को राँची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के हटिया सिंहमोड़ के पास विजेता इंक्लेव स्थित फ्लैट में रहने वाली बुजुर्ग दिव्यांग महिला विश्वासी हन्ना तिरू की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। करीब तीन महीने बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी षड्यंत्र करने वाली महिला
पुलिस के अनुसार महिला की हत्या संपत्ति हड़पने और लूटपाट की लालच में की गई थी।बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद उनके घर के सारे कीमती गहने भी गायब थे।एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर जगरनाथपुर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह ने टीम के साथ जब मामले की जांच शुरू की तब पुलिस को लगा कि इस हत्याकांड में कोई बेहद नजदीकी व्यक्ति शामिल है, जो महिला को बेहद करीब से जानता था।
महिला का कथित प्रेमी शाहीन जिसने अपने साथियों के साथ पूरी योजना बनाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया
थाना प्रभारी ने बताया कि बुजुर्ग महिला की हत्या की साजिश घर की केयरटेकर सलोमी होरो और उकसा कथित प्रेमी शाहीन के द्वारा रची गई थी।बुजुर्ग महिला ने सलोमी को 10 लाख रुपये के एफडी में नॉमनी बना कर रखा था। इसी बीच सलोमी का प्रेमी शाहीन से एक अपराधी से संपर्क हो गया।शाहीन को सलोमी ने बताया कि बुजुर्ग महिला के घर में काफी गहने हैं और बैंक की नॉमनी भी वह खुद ही है।इसके बाद ही शाहीन ने सलोमी के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की हत्या की साजिश रची।
5 दिसंबर 2025 को शाहीन ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला की गला रेत कर हत्या कर दी।हत्या के बाद घर में रखे सारे नगद और लाखों के गहने पर हाथ साफ कर सभी बिहार के भागलपुर फरार हो गए।मामले में जगरनाथपुर पुलिस ने बेहतरीन अनुसंधान करते हुए करीब तीन महीने बाद ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया। बुजुर्ग की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता सलोमी, मोहमद आरिफ, हसन रज्जा और मोहमद शाहीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मुख्य आरोपी शाहीन घूम घूम कर कपड़ा बेचता था,उसी दौरान 2016 में सलोमी से अवैध प्रेम सम्बन्ध बना
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी शाहीन और सलोमी ने बताया कि 2016 में दोनों में सम्बंध बना था।कपड़ा लेने के दौरान सलोमी से बातचीत होने लगा।इसी दौरान 2019 में एक बार दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर सलोमी की पति ने शाहीन की पिटाई किया और दोबारा ना मिलने की हिदायत दी।लेकिन 2024 में फिर शाहीन सलोमी से अवैध सम्बंध शुरू हो गया।
नॉमिनी से नाम हटाने की चर्चा से सलोमी और शाहीन ने हत्या को साजिश रची
पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि 10 लाख एफडी में उसका नाम नॉमिनी में है।इसी दौरान मालकिन अपने परिजनों से उसका नाम नॉमिनी से हटाने की चर्चा की।ये बातें उसने सुन ली और फिर अपने कथित प्रेमी शाहीन को जानकारी दी।उसके बाद शाहीन ने हत्या का पूरा प्लान बनाया और सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।शाहीन ने ही दो और अपराधी को बिहार से बुलाया था।करीब चार लाख के जेवरात लुटा था,लूट का समान बेचकर तीनों आरोपी ने बंटवारा कर लिया था।उसमें में मात्र 20 हजार सलोमी को दिया था।बांकी प्लान 10 लाख रुपये हड़पने का था।पूछताछ में बताया कि हत्या एक दिन पहले यानी 4 दिसम्बर को करने पहुँचा था।लेकिन मृतिका के कुछ परिजन आ जाने से उस दिन घटना अंजाम नहीं दिया।
5 दिसम्बर को मृतक बुजुर्ग महिला के भतीजा अनिल ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी चाची को खाना देने के लिए उनके फ्लैट में गया था, जहां पहुंचने पर देखा कि फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था और दरवाजा हिल रहा था। अंदर जाने पर देखा कि उनकी चाची विश्वासी हन्ना तिरू जमीन पर गिरी हुई थीं और खून बह रहा था।यह देखकर वह घबरा गया और अपने चाचा दास टोपनो को घटना की जानकारी दी. उनके चाचा भी भागे-भागे मौके पर पहुंचे और नजदीक जाकर देखा तो विश्वासी हन्ना तिरू का गला कटा हुआ पाया।फर्श पर खून लगा ब्लेड भी पड़ा हुआ था।इसके बाद घटना की जानकारी जगन्नाथपुर पुलिस को दी गई।जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
हटिया के लटमा रोड निवासी अनिल कुमार तिरू के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अनिल ने बताया था कि उनके छोटे चाचा स्टीफन तिरू मेकॉन में कार्यरत थे। 2022 में सेवानिवृत्त हुए और लटमा रोड में विजेता इनक्लेव में पत्नी के साथ रहते थे, लेकिन उनका निधन 2024 में हो गया।इसके बाद उनकी चाची अकेले उस फ्लैट में रहती थीं। उनके पैर काम नहीं करते थे, जिसकी वजह से वह वॉकर से जरिए चलती थीं।आसपास में रहने वाले परिजन उन्हें खाना-पानी देने के लिए समय-समय पर फ्लैट में जाया करते थे।थाना प्रभारी ने बताया कि सलोमी पर बुजुर्ग महिला को काफी भरोसा था, लेकिन उसी ने साजिश रच कर पैसे की लालच में उनकी हत्या करवा दी।

