500 CCTV, तीन महीने की मेहनत और AI का सहारा… 35 लाख के चोरीकांड का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार, करीब 22 लाख के जेवर बरामद…

–35 लाख की चोरी में दो शातिर गिरफ्तार, 146 ग्राम सोना और 400 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद; तीन महीने तक राँची पुलिस ने खंगाले सैकड़ों CCTV

राँची।अपराधी कितना भी शातिर हो और वारदात के बाद कितनी ही सावधानी से अपने निशान मिटाने की कोशिश करे, अगर पुलिस की मेहनत के साथ आधुनिक तकनीक जुड़ जाए तो कानून की नजर से बचना आसान नहीं है। राँची के चुटिया थाना क्षेत्र में हुई करीब 35 लाख रुपये की चोरी का खुलासा इसका ताजा उदाहरण है। तीन महीने तक लगातार सुराग तलाशने के बाद जब जांच धुंधले CCTV फुटेज में अटक गई, तो पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद ली। इसी तकनीकी प्रयास ने पुलिस की जांच को नई दिशा दी और आखिरकार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के जेवरात बरामद कर लिए गए।

शादी के कारण बंद था घर, खिड़की तोड़कर घुसे थे चोर
घटना 8 मई 2026 की रात अमरावती कॉलोनी, चुटिया स्थित प्रदीप कुमार (54) के घर की है। घर में शादी समारोह होने के कारण परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। उनके पुत्र प्रकाश कुमार भी अपने कार्यालय गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने घर के पीछे की खिड़की तोड़ी और अंदर प्रवेश कर गए।चोरों ने अलमारी खंगालकर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान में सोने की कानों की बाली, झुमका, सिकड़ी, चूड़ी, नथिया, लॉकेट, सिक्का, बिस्कुट, अंगूठी, मांगटीका सहित चांदी की पायल और बिछिया शामिल थे। इसके अलावा करीब 40 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और टीवी से संबंधित सामान भी चोरी हुआ था। चोरी की कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी गई।अगली सुबह प्रकाश कुमार घर पहुंचे तो टूटी खिड़की और बिखरा सामान देखकर उन्हें चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद चुटिया थाना में कांड संख्या 57/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

शातिर चोर निखिल और सुशांत

500 से अधिक CCTV फुटेज ने थकाया, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी

मामला पुलिस के लिए आसान नहीं था। चोर वारदात को अंजाम देने के बाद इस तरह निकल गए थे कि उनके बारे में कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लग रहा था। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर जितेन्द्र मिश्रा और चुटिया थाना की टीम ने इलाके के अलग-अलग हिस्सों में लगे करीब 500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले।कई दिनों तक दिन-रात फुटेज देखने के बावजूद पुलिस को ऐसा स्पष्ट चेहरा नहीं मिल पा रहा था, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। जांच एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई थी जहां मेहनत बहुत हो रही थी, लेकिन नतीजा हाथ नहीं लग रहा था।यहीं से जांच में तकनीक की भूमिका शुरू हुई।

धुंधली तस्वीर बनी पुलिस की सबसे बड़ी उम्मीद
पुलिस के हाथ एक ऐसा CCTV फुटेज लगा, जिसमें संदिग्धों की तस्वीर बेहद धुंधली थी। सामान्य परिस्थितियों में उस फुटेज से चेहरे या हुलिए की पहचान करना मुश्किल था। लेकिन पुलिस ने उस तस्वीर को नजरअंदाज करने के बजाय AI तकनीक की मदद से फुटेज को एन्हांस कराया। AI की मदद से उपलब्ध तस्वीर और संदिग्धों के हुलिए को अधिक स्पष्ट कर पुलिस ने उनकी पहचान और प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया। इसके बाद तकनीकी इनपुट को पुलिस की जमीनी जांच से जोड़ा गया। संभावित ठिकानों, संदिग्ध गतिविधियों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने लगी।

पहले सुशांत, फिर निखिल पुलिस के शिकंजे में
चुटिया थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पूनम कुजर के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई तेज की। टीम में सब-इंस्पेक्टर जितेन्द्र मिश्रा, भवेश कुमार, निरंजन महतो तथा आरक्षी ब्रजेश तिवारी शामिल थे। पुलिस पिछले करीब तीन महीने से राँची सहित अन्य स्थानों पर लगातार छापेमारी और संदिग्धों की तलाश कर रही थी।इसी बीच जांच के दौरान एआई से मिले फुटेज से पुलिस को सुशांत लोहरा, पिता सरवन लोहरा, निवासी मुंडा टोली, हेसल बस्ती, गोंदली पोखर, थाना अनगड़ा  के बारे में सुराग मिला। उसे उसके घर हेसल से गिरफ्तार किया गया।इसके बाद पुलिस ने निखिल नायक, पिता छोटे नायक, निवासी रूढ़ीगढ़ा, पिस्का मोड़, थाना सुखदेवनगर,को राँची स्टेशन रोड,से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार निखिल पहले भी जेल जा चुका है।पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी के जेवरात बरामद किए गए।

थाना प्रभारी पूनम कूजुर

निशानदेही पर 146 ग्राम सोना और 400 ग्राम चांदी बरामद
पुलिस ने निखिल नायक की निशानदेही पर करीब 146 ग्राम सोने के आभूषण और करीब 400 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए। इसके साथ ही घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 20 से 22 लाख रुपये बताई गई है।इस बरामदगी को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि चोरी की वारदात के करीब तीन महीने बाद भी आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी का माल सुरक्षित मिला।

चोरी का माल बेचने की कई बार कोशिश, कागजात मांगने पर लौट जाते थे

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात को बेचने की कई बार कोशिश की थी। हालांकि जेवर दुकानदारों द्वारा आभूषणों के कागजात मांगने पर आरोपी उन्हें बेच नहीं सके और सामान वापस उनके पास आ जाता था।पुलिस के मुताबिक चोरी की रकम में से 40 हजार रुपये नकद में करीब 8 हजार रुपये सुशांत को दिए गए थे, जबकि बाकी रकम निखिल ने खर्च कर दी थी।

बंद घरों की तलाश करते थे, स्टेशन के आसपास मंडराते थे
पुलिस जांच में आरोपियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया गया कि निखिल पहले चुटिया इलाके में ही रहता था और वर्तमान में रूढ़ीगढ़ा में रह रहा था। वहीं सुशांत गोदली पोखर इलाके में रहता है।दोनों राँची रेलवे स्टेशन के आसपास घूमते थे और रात के समय बंद घरों की तलाश करते थे। मौका मिलने पर घर को निशाना बनाकर चोरी करने की बात पुलिस के सामने आई है।

AI ने रास्ता दिखाया, लेकिन मंजिल तक पुलिस की मेहनत ने पहुंचाया

इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि AI ने पुलिस को संभावित पहचान तक पहुंचने में मदद की, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने और चोरी का सामान बरामद करने का काम पुलिस की लगातार तीन महीने की जमीनी मेहनत से संभव हुआ।
सैकड़ों CCTV फुटेज देखना, संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल करना, अलग-अलग इलाकों में छापेमारी करना और तकनीकी जानकारी को जमीनी जांच से जोड़ना इन तमाम प्रयासों के बाद पुलिस आखिरकार दोनों आरोपियों तक पहुंची।

चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजर ने बताया कि वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उनकी टीम लगातार इस मामले में काम कर रही थी। शुरुआत में कोई ठोस साक्ष्य और स्पष्ट फुटेज नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद AI तकनीक का प्रयोग किया गया। संदिग्धों की पहचान की दिशा में सफलता मिलने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई और पहले सुशांत तथा उसके बाद निखिल को गिरफ्तार किया गया।

 

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