सिमडेगा में नाबालिग के प्रसव के बाद मृत नवजात को आंगन में दफनाने का आरोप, 40 वर्षीय महिला गिरफ्तार

सिमडेगा। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के गर्भवती होने, प्रसव के बाद मृत शिशु को कथित रूप से छिपाने और बिना सूचना दिए दफन किए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में नामजद 40 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार महिला पर आरोप है कि उसने नाबालिग को गर्भपात के उद्देश्य से कथित रूप से जड़ी-बूटी की दवा खिलाई थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर के आंगन में दफन किए गए मृत शिशु को बरामद किया है। घटनास्थल से एक कुदाल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को नाबालिग की मां ने सदर अस्पताल में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि करीब 10 दिन पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि उनकी 14 वर्षीय बेटी गर्भवती है। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिवार की ओर से पूछताछ की गई, जिसमें एक नाबालिग लड़के ने किशोरी के गर्भधारण से जुड़ी बात स्वीकार की थी।
बताया गया कि इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। आरोप है कि लड़के की मां ने दोनों की शादी कराने की बात भी कही थी।
नाबालिग की मां के बयान के मुताबिक, 19 अगस्त को किशोरी खेत से घर लौटी। इसी दौरान उसने परिजनों को बताया कि लड़के की मां ने उसे कथित तौर पर गर्भपात कराने के उद्देश्य से जड़ी-बूटी की दवा खिलाई थी। आरोप है कि उसे इस संबंध में किसी को जानकारी नहीं देने के लिए भी कहा गया था।इसके बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ गई और उसने करीब छह माह के मृत शिशु को जन्म दिया। आरोप है कि प्रसव के बाद लड़के की मां मृत शिशु को अपने साथ ले गई और परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी।
घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर उसके घर के आंगन की तलाशी ली। इसी दौरान वहां दफन किए गए मृत शिशु को बरामद किया गया। घटनास्थल से पुलिस ने एक कुदाल भी जब्त की है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृत शिशु को किस परिस्थिति में दफन किया गया और इस पूरे घटनाक्रम में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पॉक्सो एक्ट के तहत जांच, कई पहलुओं पर पुलिस की नजर
एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने बताया कि नाबालिग की मां के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 21/26 दर्ज किया गया है। मामले में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।एसपी श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नामजद महिला को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिग के गर्भवती होने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, कथित दवा किसने उपलब्ध कराई और मृत शिशु को दफनाने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

