ड्रोन देखते ही भड़के ग्रामीण, गुलेल से गिराया कैमरा; NTPC अधिकारियों को 7 घंटे घेरे रखा, दो घंटे सड़क जाम

 

लातेहार।जिले के बालूमाथ में बिना ग्रामसभा की अनुमति ड्रोन सर्वे करना NTPC के अधिकारियों को भारी पड़ गया। गांव के ऊपर ड्रोन उड़ता देख गेरेंजा और हराफु के ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पहले गुलेल से निशाना लगाकर ड्रोन कैमरा गिरा दिया और फिर कंपनी के अधिकारियों व ड्रोन ऑपरेटरों को घेर लिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि NTPC के जीएम समेत अधिकारियों को करीब सात घंटे तक ग्रामीणों के बीच बैठना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने राँची-चतरा मुख्य मार्ग को भी दो घंटे तक जाम रखा।

दरअसल, बुधवार सुबह जीएम आनंद अग्रवाल के नेतृत्व में NTPC कोल माइंस की टीम प्रभावित गेरेंजा और हराफु गांव में ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी। टीम मकइयांटांड़ पुलिस पिकेट के पास रेलवे लाइन के समीप ड्रोन उड़ाकर सर्वे कर रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण सक्रिय हो गये और बाइक से आसपास के इलाकों में ड्रोन ऑपरेटरों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच ड्रोन गांव के करीब पहुंचा तो ग्रामीणों ने गुलेल से निशाना साधकर उसे नीचे गिरा दिया।

इसके बाद कंपनी के अधिकारी और ऑपरेटर वाहन से वहां से निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन सुरांगी टोगरी के पास ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। भीड़ बढ़ती देख अधिकारियों की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और राँची-चतरा मुख्य मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया।

ग्रामसभा की अनुमति के बिना सर्वे पर सवाल

ग्रामीणों का साफ कहना था कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना गांव में ड्रोन उड़ाना और सर्वे करना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने ड्रोन से करीब दो घंटे तक की गई रिकॉर्डिंग के फुटेज डिलीट करने की मांग भी रखी। ग्रामीणों के दबाव के बीच कंपनी के अधिकारियों को सुरांगी टोगरी से पैदल हराफु मोड़ तक जाना पड़ा, जहां जमीन पर बैठकर वार्ता हुई।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति

मामले की सूचना मिलने पर बालूमाथ थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चली बातचीत के बाद कंपनी के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना गांव में किसी भी तरह का काम नहीं किया जायेगा। इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों को जाने दिया।

इस पूरे घटनाक्रम में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक अधिकारी ग्रामीणों के बीच रहे, जबकि दोपहर 12 बजे से दो बजे तक राँची-चतरा मुख्य मार्ग पर जाम लगा रहा।

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