फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने पहुंचे दो युवक, दुकानदार की सूझबूझ से खुली पोल; ग्रामीणों ने खंभे से बांधकर पुलिस को सौंपा

दुमका।झारखण्ड के दुमका जिले के मसलिया थाना क्षेत्र के पाटनपुर गांव में शनिवार शाम एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक किराना दुकानदार के घर पहुंचे दो युवकों की चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी। दुकानदार की सतर्कता और ग्रामीणों की तत्परता से दोनों की कथित फर्जी पहचान उजागर हो गई। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पाटनपुर निवासी किराना दुकानदार निरंजन गोराई अपनी मां सीमा गोराई के साथ रहते हैं। शनिवार शाम चारपहिया वाहन से पहुंचे दो युवक खुद को देवघर जिले के सारठ थाना की पुलिस बताने लगे। उन्होंने पहले दुकान पर मौजूद निरंजन से पूछताछ की और फिर उसकी मां को भी बुलाने को कहा।
दोनों युवकों ने कुछ महीने पहले हुई चोरी की घटना के बारे में सवाल पूछने शुरू किए। बातचीत के दौरान उनका व्यवहार और पूछताछ का तरीका निरंजन को संदिग्ध लगा। शक होने पर उसने चुपचाप मोबाइल निकालकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। कैमरा देखते ही दोनों युवक नाराज हो गए, जिससे निरंजन का संदेह और गहरा गया।
स्थिति को भांपते हुए निरंजन ने बिना शोर मचाए मसलिया थाना पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश रंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक ग्रामीणों ने दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया था और भागने से रोकने के लिए बिजली के खंभे से बांध रखा था।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

