खौफनाक: मेरठ का ‘स्नेक मर्डर’ केस; पत्नी ने इंटरनेट से सीखा खूनी खेल, 365 दिन की साजिश और एक जहरीला ‘करैत’

मेरठ।यह कहानी किसी बॉलीवुड सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की नहीं, बल्कि मेरठ की सरजमीं पर रची गई एक ऐसी खौफनाक हकीकत है जिसने खाकी से लेकर आम अवाम तक के होश उड़ा दिए हैं। एक पत्नी, जिसने सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाई थीं, वही पिछले एक साल से अपने ही सुहाग की मौत का ‘परफेक्ट मर्डर प्लान’ तैयार कर रही थी। इंटरनेट की दुनिया में उसने डिजिटल जासूस बनकर उन गलतियों को खंगाला, जो अक्सर कातिल कर बैठते हैं, ताकि वह खुद कानून के शिकंजे से बची रहे। लेकिन कहते हैं न कि ‘जुर्म चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं।’
डिजिटल डायरी में छुपा मौत का खाका
मेरठ पुलिस के दावों ने इस हत्याकांड में जो खुलासे किए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। आरोपी दामिनी पिछले करीब 1 साल से देशभर के उन चर्चित मामलों की केस स्टडी कर रही थी, जहां पतियों की हत्या की गई थी। वह गूगल और इंटरनेट पर दिन-रात बस यही खंगालती थी कि पुलिस कातिलों को पकड़ती कैसे है?
इतना ही नहीं, उसने मेरठ के ही मशहूर ‘बहसूमा सांप कांड’ का भी गहराई से अध्ययन किया। उसका मकसद साफ था पुराने अपराधियों की गलतियों से सीख लेकर एक ऐसा ‘परफेक्ट मर्डर’ करना, जिसमें कोई सबूत ही न बचे।
प्यार, तकरार और फिर एंट्री हुई तीसरे की!
इस खूनी दास्तान की शुरुआत साल 2018 में हस्तिनापुर की एक कॉस्मेटिक दुकान से हुई थी। दामिनी और अतुल की पहली नजरों का प्यार 2019 में प्रेम विवाह में बदल गया। लेकिन दामिनी के मुताबिक, शादी के कुछ वक्त बाद ही यह मोहब्बत नफरत में तब्दील हो गई और अतुल उसके साथ मारपीट करने लगा। इसी दौरान दामिनी की जिंदगी में स्कूल ड्राइवर तुषार की एंट्री हुई। इसके बाद शुरू हुआ पति को रास्ते से हटाने का वो खौफनाक खेल, जिसकी पटकथा पूरे एक साल तक लिखी गई।
वो काली रात… नींद की गोलियां और करैत का कहर
योजना के मुताबिक, वारदात वाली रात अतुल को पहले खाने में या किसी चीज में नींद की गोलियां दी गईं। जब अतुल गहरी और बेसुध नींद में सो गया, तब उस बंद कमरे में मौत का खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने अतुल के कपड़ों में बेहद ही जहरीला ‘करैत’ सांप छोड़ दिया। साजिश इतनी शातिर थी कि सुबह जब लाश मिले, तो दुनिया इसे महज एक सामान्य सर्पदंश (सांप का काटना) समझे।
…लेकिन एक चूक और बिखर गया ‘परफेक्ट मर्डर’ का भ्रम
कातिल खुद को कितना भी शातिर समझ लें, लेकिन कुदरत कोई न कोई सुराग छोड़ ही देती है। बंद कमरे के भीतर, बिस्तर पर सीधे सांप का पहुंचना पुलिस के गले नहीं उतरा। यही वो पहला शक था जिसने तफ्तीश की दिशा बदल दी।जब मेरठ पुलिस ने दामिनी के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली, तो तुषार के साथ रात-दिन होने वाली बातचीत ने शक के घेरे को और बड़ा कर दिया। पुलिस ने तुषार को दबोचा और जब उसका मोबाइल खंगाला गया, तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं।मोबाइल में एक डिब्बे के अंदर बंद सांप की तस्वीर मौजूद थी।
सपेरे तक पहुंची पुलिस, खुला पाप का घड़ा
उसी एक डिजिटल तस्वीर ने इस पूरे मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस उस नंबर तक पहुंची जिससे वह फोटो भेजी गई थी। शिकंजा कसते ही सपेरा सोनू पुलिस की गिरफ्त में आ गया। सोनू ने उगल दिया कि उसने अपने साथी उदय के साथ मिलकर बेहद जहरीला करैत सांप पकड़ा था और तुषार को सौंपा था।पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी (स्कूल वैन का ड्राइवर) और दो सपेरों सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
”डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड्स और वैज्ञानिकलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी (स्कूल वैन का ड्राइवर) और दो सपेरों सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैम जांच के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस की एक-एक परत खुली है। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने की हर मुमकिन कोशिश की थी, लेकिन वे बच नहीं सके।”— अविनाश पाण्डेय, SSP मेरठ
जानकारी के मुताबिक, बहसूमा थाना क्षेत्र के भंडोरा गांव निवासी अतुल कुमार (32) अपनी पत्नी दामिनी (30) और 6 साल के बेटे के साथ हस्तिनापुर में किराए के मकान में रहते थे. अतुल और दामिनी ने 7 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों पिछले 4 साल से घर से कुछ ही दूरी पर ‘कृष्ण किड्स प्ले स्कूल’ चला रहे थे, जिसमें करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं।वहीं जांच में यह भी पता चला कि दामिनी का स्कूल के ड्राइवर तुषार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस जांच जब आगे बढ़ी तो पता चला कि मृतक अतुल स्कूल चलाने से पहले विद्या प्रकाशन में जॉब करता था, तभी उसने 20 लाख का बीमा कराया था। बीमा राशि हड़पकर तुषार और दामिनी ने शादी करने की योजना बनाई थी। तुषार ने दामिनी को भरोसा दिया कि वह बीमा राशि आने के बाद अपनी पत्नी से तलाक ले लेगा। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि अतुल को बिना नंबर की कार से कुचलने का भी प्रयास किया गया था लेकिन दामिनी ने अतुल को रिपोर्ट दर्ज कराने को यह कहकर मना किया कि बिना नंबर की कार की रिपोर्ट लिखाकर क्या होगा।
शुक्रवार यानी 17 जुलाई को सुबह करीब 6 बजे अतुल का शव उनके कमरे में बेड पर मिला। इसके बाद दामिनी और परिवार के लोग आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टर ने अतुल को मृत घोषित कर दिया।शुरुआती पूछताछ में दामिनी ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। उसने बताया कि वह रात करीब 2 बजे गर्मी की वजह से अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में सोने चली गई थी।सुबह जब चाय लेकर अतुल के कमरे में गई, तो वह चादर ओढ़े हुए थे। आवाज देने पर कोई हरकत नहीं हुई, तो उसने चादर हटाई, जहां एक काला सांप बैठा हुआ था।अतुल के दाएं पैर पर सांप के काटने के निशान भी मिले.।अतुल के परिजनों को पहले से ही बहू दामिनी पर शक था, इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस में सुनियोजित हत्या की शिकायत दर्ज कराई।पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए।
फिलहाल, इंटरनेट से सीखकर मौत का जाल बुनने वाली दामिनी और उसका साथी तुषार अब सलाखों के पीछे हैं, और पुलिस इस सनसनीखेज मामले के हर एक पहलू को कोर्ट में साबित करने के लिए पुख्ता कानूनी शिकंजा कस रही है।

