जमशेदपुर के होटल में तीन महीने से ठहरे थे राँची के तीन युवक, पुलिस की दबिश से मचा हड़कंप, मकसद की तलाश में जुटी जांच

जमशेदपुर/राँची।जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित हावड़ा ब्रिज के समीप एक होटल में गुरुवार देर रात हुई पुलिस की छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। गुप्त सूचना के आधार पर गोलमुरी थाना पुलिस ने ‘स्काईलान होटल’ के कमरा नंबर 201 और 202 में दबिश देकर राँची के तीन युवकों को हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस तीनों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान राँची के रातू क्षेत्र निवासी लिंडा, सोनू और बिट्टू के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक पिछले लगभग तीन महीने से इसी होटल में रह रहे थे। इतने लंबे समय तक होटल में ठहरने और उनके ठहरने के पीछे स्पष्ट कारण सामने नहीं आने से पुलिस को उन पर संदेह हुआ। इसके बाद मिली गुप्त सूचना के आधार पर होटल में छापेमारी की गई।
कमरों से मिले दस्तावेज, कई बिंदुओं पर जांच
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों कमरों की तलाशी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कुछ संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में मामला चेक बाउंस से जुड़ा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस केवल इसी एंगल तक सीमित नहीं है। यह भी जांच की जा रही है कि तीनों युवक इतने लंबे समय तक होटल में किस उद्देश्य से रह रहे थे और क्या उनका संबंध किसी बड़े आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी या अन्य गतिविधियों से है।
बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। साथ ही युवकों के मोबाइल फोन, संपर्कों और उनकी गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
तीन महीने तक होटल में रहने का कारण बना सबसे बड़ा सवाल
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राँची के रहने वाले ये तीनों युवक तीन महीने से जमशेदपुर के एक होटल में क्यों ठहरे हुए थे। यदि वे किसी काम से शहर आए थे तो उसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड या जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। इसी वजह से पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने नहीं दिया आधिकारिक बयान
फिलहाल गोलमुरी थाना पुलिस ने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने और बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इसलिए अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि राँची के इन तीनों युवकों का वास्तविक मकसद क्या था और क्या यह मामला केवल चेक बाउंस तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक या आपराधिक नेटवर्क भी सक्रिय है।

