हत्याकांड के आरोपी पुलिस से भिड़े, चेकिंग के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग; जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में लगी गोली
डेस्क/ग्रेटर नोएडा। इमरान हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों का मंगलवार की अहले सुबह पुलिस से सामना हो गया। जेवर में चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सवार संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर घेराबंदी की तो आरोपियों ने बचने के लिए पुलिस पर गोलियां चला दीं। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में दोनों को दबोचकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दो-तीन नवंबर की रात थाना जेवर पुलिस झांझर रोड स्थित पावर हाउस के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे दो संदिग्धों को रुकने का संकेत दिया गया। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर खुद को घिरता देख उन्होंने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से दोनों अपराधी घायल होकर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जहांगीरपुर निवासी शेरू उर्फ शेर मुहम्मद और बुलंदशहर के पहासू निवासी मौसीम के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके पास से घटना में इस्तेमाल दो अवैध .32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
7 अक्टूबर की रात इमरान को गोलियों से भूना था
पुलिस के अनुसार, बीते सात अक्टूबर की रात इमरान (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आठ अक्टूबर को मृतक के भाई की शिकायत पर शेरू, मौसीम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हत्या के मामले में नामजद दोनों आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी।
शेरू पर पहले से दर्ज हैं आपराधिक मुकदमे
पुलिस का कहना है कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या के मामले के अलावा जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे भी दर्ज हैं। वहीं, शेरू उर्फ शेर मुहम्मद का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में हत्या के प्रयास, मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।

