अचानक बदला मंजर,दरोगा को पटका और छीन ली पिस्टल: राँची में फिल्मी अंदाज में हुए एनकाउंटर में क्या हुआ…जानिए..
–पुलिस ने अपराधी सत्यम पाठक के विरुद्ध दर्ज की एक और प्राथमिकी
–हथियार बरामदगी के दौरान दरोगा को धक्का देकर छीनी थी उसकी सर्विस पिस्टल, पुलिस ने आत्मरक्षार्थ में चलाई थी 5 राउंड गोलियां
राँची।राँची में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्याकांड के शूटर सत्यम पाठक के विरुद्ध पंडरा ओपी में एक और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हत्या के अलावा अब उसके विरुद्ध बीएनएस की धाराएं 109(1)/132/121(2)/221 पुलिस पर हमला और सरकारी कार्य में बाधा व आर्म्स एक्ट की धारा 25(1बी)ए/25(1एबी)/26/27 अवैध हथियार रखना व उसका प्रयोग का मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी पंडरा ओपी प्रभारी मो0 फैज रबानी के बयान पर दर्ज की गई है। वर्तमान में कुख्यात शूटर सत्यम पाठक का इलाज रिम्स में चल रहा है। दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने बताया है कि थाना प्रभारी मो. फैज रब्बानी के नेतृत्व में टीम ने गिरफ्तार आरोपी सत्यम पाठक को उसकी निशानदेही पर पुलिस बांस के दो बखारों के बीच छिपे हथियारों को बरामद करने सरोवरनगर कांके डैम किनारे पहुंची थी। वहां से पुलिस ने एक लोडेड देसी पिस्टल (7.65 एमएम की 4 गोलियां), एक लोडेड देसी कट्टा (8 एमएम की 4 गोलियां) बरामद की। पूछताछ में सत्यम ने कुबूल किया कि इसी पिस्टल से उसने 21 अप्रैल को मनोकामना मंदिर के पास भार्गव सिंह की हत्या की थी।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, जब्ती सूची बनाने के बाद पुलिस टीम जैसे ही आगे बढ़ी, सत्यम पाठक ने अचानक पलटवार कर दिया। उसने एसआई लालमोहन खड़िया को जोर से धक्का देकर गिरा दिया और उनके होलस्टर से सरकारी पिस्टल छीन ली। इससे पहले कि टीम कुछ समझ पाती, सत्यम ने पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। अपराधी द्वारा सरकारी पिस्टल से फायरिंग किए जाने के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। जवानों ने जमीन पर लेटकर और आड़ लेकर अपनी जान बचाई। इसके बाद आत्मरक्षार्थ और सरकारी हथियार की सुरक्षा के लिए ओपी प्रभारी मो. फैज रब्बानी ने अपनी पिस्टल से 3 राउंड फायरिंग की। इसी दौरान पुलिस निरीक्षक सुनील कुशवाहा ने भी 2 राउंड गोलियां चलाईं। दोनों पैरों में गोली लगने के बाद सत्यम जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
घटना के तुरंत बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया। घटनास्थल से पुलिस की पिस्टल से निकले 9एमएम के खोखे। जमीन और पत्तों पर गिरे सत्यम के खून के नमूने, अपराधी द्वारा छीनी गई सरकारी पिस्टल (नंबर 18866829), इन सभी साक्ष्यों को विधिवत जब्त कर लिया गया है ताकि कोर्ट में पुलिस की कार्रवाई को न्यायोचित साबित किया जा सके।
अपराधी के हमले में जख्मी दारोगा लालमोहन खड़िया को तत्काल सिटी अस्पताल पंडारा भेजा गया। वहीं, आरोपी सत्यम पाठक को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर एम्बुलेंस आने में देरी होने पर पुलिस वाहन से ही रिम्स ले जाया गया। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

