राँची में पुतला दहन पर बवाल के बाद पुलिस का एक्शन, 3 FIR में 14 छात्र नेता नामजद; कई अज्ञात भी आरोपी

 

राँची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के दौरान शुक्रवार को राजधानी राँची में हुए हंगामे और मारपीट के मामले में पुलिस ने अब बड़ा एक्शन लिया है। कोतवाली थाना में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। तीनों एफआईआर में कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

मामला JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किए जाने से जुड़ा है। मंच से जुड़े छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC की परीक्षाओं एवं नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार तथा कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को इसी क्रम में छात्र अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे थे। यहां पुतला दहन के दौरान विरोध करने वाले लोगों के साथ छात्रों की कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया।

तीन अलग-अलग शिकायतों पर दर्ज हुई FIR
घटना के बाद कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनमें दो शिकायतें अंकिता वर्मा और शाहबाज की ओर से दी गई हैं, जबकि तीसरी प्राथमिकी विधि-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात एक मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज कराई गई है।पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों को मिलाकर कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में कुणाल कुमार, पीयूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

पुतला छीनने की कोशिश से बिगड़ा माहौल
शुक्रवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र अल्बर्ट एक्का चौक पर जुटे थे। छात्र मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया।
पुतला जलाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई। इसके बाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

अल्बर्ट एक्का चौक से सदर अस्पताल तक हंगामा
विवाद का असर केवल अल्बर्ट एक्का चौक तक सीमित नहीं रहा। घटनाक्रम के दौरान सदर अस्पताल और JPSC कार्यालय के आसपास भी तनाव की स्थिति बनी। हंगामे में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस को घटना से जुड़े कई वीडियो फुटेज भी मिले हैं। इन फुटेज की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि मारपीट और हंगामे में कौन-कौन लोग शामिल थे।

सरकारी काम में बाधा और मारपीट के आरोप
दर्ज प्राथमिकी में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में कथित बाधा डालने तथा मारपीट सहित विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुतला दहन कर रहे आंदोलनकारियों की ओर से उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।

वहीं छात्र संगठन खुद को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे थे। उनका आरोप है कि उनके प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा।

पुलिस अब घटनास्थल पर उपलब्ध वीडियो फुटेज को खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि किसने पहले विवाद शुरू किया, किन लोगों ने मारपीट की और किन लोगों की भूमिका सरकारी कार्य में बाधा डालने में रही।नामजद आरोपियों के अलावा प्राथमिकी में अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। ऐसे में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान भी की जा सकती है।

FIR के बाद आंदोलन और गरमाने के आसार
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आंदोलन के बीच बड़ी संख्या में छात्र नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज होने से मामला और गरमा गया है। एक तरफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, तो दूसरी तरफ छात्र संगठन मुकदमे की कार्रवाई को लेकर अपना विरोध तेज करने की तैयारी में हैं।राजधानी में हुए इस विवाद ने JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। अब पुलिस जांच में यह साफ होगा कि शुक्रवार के हंगामे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था और FIR में नामजद आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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