सावन की पहली भोर… ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा देवघर, बाबा बैद्यनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

 

देवघर।आज गुरुवार, 30 जुलाई से पवित्र सावन माह की शुरुआत होते ही बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह शिवमय हो गया। सावन के पहले दिन तड़के से ही “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर की ओर रुख किया। पूरे शहर में आस्था, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
सावन का महीना बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए विशेष महत्व रखता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस पावन धाम में झारखण्ड-बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरे एक महीने तक चलने वाला श्रावणी मेला देवघर की पहचान बन जाता है।

सुबह 4:02 बजे खुले बाबा मंदिर के कपाट
श्रावणी मेले के पहले दिन सुबह 4:02 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ बाबा मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद आंतरिक और बाह्य अर्घा की स्थापना की गई। बाह्य अर्घा से जलार्पण करने के लिए श्रद्धालु रात दो बजे से ही मंदिर परिसर में कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे थे।

कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ जलार्पण
श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से जलार्पण कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की मौजूदगी में अर्घा स्थापित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक शुरू किया।

सीसीटीवी से हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर
मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उपायुक्त ने बाबा मंदिर स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मंदिर परिसर, गर्भगृह, निकास द्वार और संवेदनशील इलाकों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सेवा भाव’ के साथ ड्यूटी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन और सेवा भाव से पेश आने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को देवघर से सुखद अनुभव मिले, ताकि वे बाबा नगरी की अच्छी छवि अपने साथ लेकर लौटें।

श्रद्धा, सुरक्षा और व्यवस्था का संगम
सावन के पहले दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ी आस्था की यह भीड़ केवल धार्मिक उत्साह ही नहीं, बल्कि प्रशासन की तैयारियों की भी परीक्षा रही। भक्ति, व्यवस्था और सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।

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