बोकारो में हाई प्रोफाइल पति-पत्नी विवाद में नया ट्विस्ट… पहले मारपीट का आरोप, फिर शिकायत वापस; अब DDC करेंगी जांच

 

बोकारो। झारखण्ड के बोकारो में जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून और उनके पति रमेश कुमार के बीच कथित मारपीट और मानसिक प्रताड़ना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जिला प्रशासन के स्तर तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने जांच की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त (DDC) शताब्दी मजुमदार को सौंपी है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया, जब मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाने वाले पति रमेश कुमार ने अगले ही दिन यानी 11 अक्टूबर को पुलिस को लिखित रूप से बताया कि उनके बीच अब कोई विवाद नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्होंने सिटी थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

10 अक्टूबर को शिकायत, 11 अक्टूबर को वापस लिया आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, बोकारो की जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून के पति रमेश कुमार ने 10 अक्टूबर को सिटी थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए पत्नी पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इस शिकायत के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, हेमलता बून ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें गलत और झूठा बताया।मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब 11 अक्टूबर को रमेश कुमार ने पुलिस को लिखित बयान देकर कहा कि उनके बीच कोई विवाद नहीं है। सिटी थाना प्रभारी ममता कुमारी के अनुसार, रमेश कुमार ने अपनी शिकायत वापस ले ली है और लिखित रूप से दोनों के बीच विवाद नहीं होने की बात कही है।

डीसी ने 10 अक्टूबर को ही दिया था जांच का आदेश
विवाद को लेकर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच का आदेश 10 अक्टूबर को ही दे दिया गया था। जांच की जिम्मेदारी डीडीसी शताब्दी मजुमदार को सौंपी गई है। डीसी के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।पति की ओर से शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद अब प्रशासनिक जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच में आरोपों की वास्तविकता और विवाद से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने पर जोर रहेगा।

पहले भी विवाद की चर्चा, इस बार प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा मामला

सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उनके बीच हुए विवाद को लेकर जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर हस्तक्षेप और बातचीत होने की चर्चा रही है। हालांकि, इन पुराने मामलों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।इस बार मामला पुलिस थाने तक पहुंचने और सार्वजनिक चर्चा में आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी है। अब सबकी निगाहें डीडीसी की जांच पर टिकी हैं।

फिलहाल जांच के बाद ही स्पष्ट होगी तस्वीर
एक तरफ पति ने पत्नी पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, वहीं दूसरी तरफ पत्नी ने आरोपों को निराधार बताया। इसके बाद पति ने पुलिस को लिखित रूप से विवाद नहीं होने की जानकारी देते हुए शिकायत वापस ले ली। ऐसे में पूरे मामले में अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।अब डीडीसी शताब्दी मजुमदार की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है। प्रशासन की ओर से जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

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