प्रिंस खान के ‘साम्राज्य’ पर नगर निगम का प्रहार, गोल्डेन वेडिंग पैलेस अवैध घोषित

– 15 दिन में खुद हटाएं निर्माण, नहीं तो निगम चलाएगा बुलडोजर; ₹10 लाख का जुर्माना भी ठोका
धनबाद। झारखण्ड के धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के कथित आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।धनबाद पुलिस की अनुशंसा पर धनबाद नगर निगम ने भूली बाईपास रोड स्थित आरा मोड़ के पास बने गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध निर्माण घोषित करते हुए भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर इसे स्वयं हटाने का आदेश दिया है। चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं होने पर निगम खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भी भवन स्वामी से वसूलेगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मैरेज हॉल प्रिंस खान का जिसे अपने रिश्तेदार गोल्डन कबाड़ी वाले के नाम पर बनाया गया है, जबकि निर्माण में पूरा पैसा गैंगस्टर प्रिंस खान का लगा है। पुलिस के अनुसार अपराध से अर्जित कथित आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने की रणनीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।धनबाद पुलिस अपराधी प्रिंस खान के द्वारा जितने भी अपराध से अर्जित अवैध सम्पति है।उसे चिंहित किया जा रहा है।बताया कि कुख्यात अपराधी प्रिंस खान ने अपने के रिश्तेदार के नाम संपति बनाया है।सब पर कानूनी तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
बिना नक्शे के खड़ा कर दिया मैरेज हॉल
नगर निगम की जांच में सामने आया कि भवन का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया। इतना ही नहीं, भवन में निर्धारित सेटबैक और पार्किंग जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं का भी पालन नहीं किया गया। वर्तमान में इस भवन का उपयोग विवाह भवन के रूप में किया जा रहा है।
सुनवाई में भी नहीं पेश कर सके दस्तावेज
भवन वाद संख्या-02/2026 के तहत हुई सुनवाई के दौरान निगम ने भवन स्वामी को कई बार अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया। लेकिन स्वीकृत भवन नक्शे का कोई प्रमाण नहीं दिया जा सका। सुनवाई के दौरान भवन स्वामी ने भी स्वीकार किया कि निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था और बाद में नियमितीकरण के लिए आवेदन करने की बात कही।
15 दिन की मोहलत, ₹10 लाख का जुर्माना
नगर आयुक्त ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अनधिकृत निर्माण घोषित करते हुए 15 दिनों के भीतर अवैध हिस्से को हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही भवन स्वामी पर ₹10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे निर्धारित अवधि में निगम कोष में जमा करना होगा। आदेश की अवहेलना होने पर निगम ध्वस्तीकरण के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई भी करेगा।
नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि भवन निर्माण से पहले स्वीकृत नक्शा लेना, पार्किंग, सेटबैक और अन्य सभी निर्माण मानकों का पालन करना अनिवार्य है। निगम ने यह भी साफ किया है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

