आरा में बड़ा रेल हादसा टला: यार्ड के पास महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतरे, चालक की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी
आरा। आरा जंक्शन के पास रविवार की अहले सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गयी, जब अलीपुरद्वार से दिल्ली जा रही महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच के पहिए अचानक पटरी से उतर गये। हादसा करीब सुबह चार बजे आरा जंक्शन के यार्ड क्षेत्र में हुआ। ट्रेन में तेज झटका लगते ही सो रहे यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि चालक की सतर्कता से ट्रेन को नियंत्रित कर लिया गया और एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।
रेल सूत्रों के अनुसार, महानंदा एक्सप्रेस निर्धारित ठहराव के बाद आरा जंक्शन से आगे बढ़ी ही थी कि यार्ड के समीप दो कोच के पहिए पटरी से उतर गये। स्थिति भांपते हुए चालक ने तत्काल ट्रेन को नियंत्रित किया। ट्रेन रुकने के बाद यात्रियों में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। फिलहाल किसी यात्री के हताहत होने की आधिकारिक सूचना नहीं है।
हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी, इंजीनियरिंग टीम और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंच गये। घटनास्थल का निरीक्षण कर पटरी से उतरे कोच और ट्रैक की स्थिति की जांच शुरू की गयी। रेलवे की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की वजह ट्रैक, प्वाइंट या किसी अन्य तकनीकी खामी से जुड़ी है या नहीं।
महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच के पहिए उतरने के बाद आरा जंक्शन की अप लाइन पर रेल परिचालन प्रभावित हो गया। कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा। पंजाब मेल और अन्य ट्रेनों के भी प्रभावित होने की जानकारी है। रेलवे की तकनीकी और इंजीनियरिंग टीमें ट्रैक को जल्द सामान्य करने में जुटी हैं।
जीएम और डीआरएम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे की महाप्रबंधक डिंपी गर्ग और दानापुर मंडल के डीआरएम विनोद कुमार अधिकारियों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
अधिकारियों ने प्रभावित ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करने का निर्देश दिया है, ताकि रेल परिचालन सामान्य किया जा सके।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
रेलवे ने घटना के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कोच के पहिए किस वजह से पटरी से उतरे। ट्रैक और प्वाइंट की जांच के साथ अन्य तकनीकी पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

