झारेरा को मिला नया नेतृत्व, पूर्व DGP अजय कुमार सिंह बने अध्यक्ष, रिटायर्ड जज नलिन कुमार को मिली सदस्य की जिम्मेदारी

–लंबे समय से खाली पड़े शीर्ष पदों पर सरकार ने की नियुक्ति। रियल एस्टेट से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और प्राधिकरण के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद।

राँची।झारखण्ड में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े हजारों खरीदारों और बिल्डरों के लिए अहम खबर है। लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने झारखण्ड भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (झारेरा) के शीर्ष पदों पर नियुक्ति कर दी है। सरकार ने झारखण्ड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह को झारेरा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार को प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया है।

राज्यपाल के आदेश पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की। विभाग के अनुसार, दोनों नियुक्तियां भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 20 और 22 तथा झारखण्ड भू-संपदा नियमावली, 2017 के नियम 19 के तहत गठित उच्च स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई हैं।

लंबे समय से खाली थे शीर्ष पद:
झारेरा में अध्यक्ष और सदस्य के पद काफी समय से रिक्त थे, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण मामलों के निष्पादन की रफ्तार प्रभावित हो रही थी। नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति के बाद अब प्राधिकरण के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

घर खरीदारों को मिल सकती है राहत
झारेरा राज्य में रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण, बिल्डरों और घर खरीदारों के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा रियल एस्टेट से जुड़े विवादों के कानूनी समाधान के लिए जिम्मेदार प्रमुख वैधानिक संस्था है। ऐसे में नए नेतृत्व के आने से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे, परियोजनाओं की निगरानी और खरीदारों के हितों की सुरक्षा को लेकर नई गति मिलने की संभावना है।

पूर्व डीजीपी जैसे अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति को सरकार ने झारेरा को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि नया नेतृत्व लंबित मामलों के निपटारे और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कितनी तेजी से काम करता है।

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