लोहरदगा में शव के अंतिम संस्कार को जा रहे लोगों का रास्ता रोकने पर विवाद, विरोध में तीन घंटे तक सड़क जाम,डीसी-एसपी मौके पर पहुँचकर लोगों को समझाया..
लोहरदगा।झारखण्ड के लोहरदगा जिले में शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे ग्रामीणों का रास्ते रोके जाने के विरोध में लोहरदगा में एनएच 143 एजी को लगभग 3 घंटे तक ग्रामीणों ने जाम कर दिया।इस दौरान ग्रामीण शव के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए और अपना विरोध दर्ज कराया। जानकारी मिलने के बाद डीसी और एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया है, लेकिन ग्रामीण इस मामले का स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

दरअसल,एक महिला के निधन के बाद लोग शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए सिठियो के पास कोयल नदी जा रहे थे।इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने इस बात का विरोध किया। उनका कहना था कि वह इस रास्ते से जा कर अपनी सीमा में अंतिम संस्कार नहीं करने देंगे। इसके बाद विवाद बढ़ गया और पहले पक्ष के लोगों ने एनएच 143 एजी को सिठियो के समीप जाम कर दिया। इस दौरान लगभग तीन घंटे तक एनएच जाम रहा।इस कारण कुछ समय के लिए मामला गरमा गया था।
वहीं सूचना मिलने पर अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं थे। जिसके बाद सूचना मिलने पर लोहरदगा डीसी डॉ.ताराचंद और लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी भी मौके पर पहुंचे।काफी समझाने के बाद ग्रामीण माने। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
हालांकि ग्रामीणों ने समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।इसपर प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया है कि बैठक कर इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
एसपी ने बताया कि रास्ते को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। जिसके बाद ग्रामीणों को समझाया गया है।फिलहाल मामला शांत हो गया है।ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
सड़क जाम की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।कुछ वाहनों को डायवर्ट भी करना पड़ा था। जिसकी वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई थी।प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता की वजह से फिलहाल मामला शांत हो गया है।

