हजारीबाग पुलिस का बड़ा खुलासा: वैज्ञानिक साक्ष्यों के जाल में फंसा कातिल दोस्त पवन, डेंटल कॉलेज सुपरवाइजर हत्याकांड की गुत्थी सुलझी

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई डेंटल कॉलेज के सुपरवाइजर विकास कुमार सिंह की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। जिस दोस्त के साथ बैठकर विकास ने शराब पी, उसी ने प्यार के त्रिकोण में अंधी रंजिश के तहत उसे खौफनाक मौत दे दी।पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पवन कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया है।
एक ही युवती से दिल लगा बैठे थे दोनों
पुलिस जांच और पूछताछ में पता चला है कि मृतक विकास कुमार सिंह और आरोपी पवन कुमार दास दोनों एक ही मेडिकल कॉलेज में काम करते थे। दोनों के बीच पहले काफी अच्छी दोस्ती थी, लेकिन यह दोस्ती तब दुश्मनी में बदल गई जब दोनों एक ही युवती से प्रेम करने लगे।शुरुआत में युवती पवन से बात करती थी, लेकिन बाद में उसकी बातचीत विकास से अधिक होने लगी। पवन ने जब विकास को उसी युवती से वीडियो कॉल पर बात करते देखा, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसे लगा कि विकास उसके प्यार के रास्ते का रोड़ा बन रहा है, जिसके बाद उसने विकास को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची।
शराब पिलाई और फिर ली जान
18 जुलाई की रात मौका मिलते ही पवन अपनी योजना को अंजाम देने निकला। वह जानता था कि विकास दिल का मरीज है और उसके सीने में पेसमेकर लगा हुआ है। पवन ने पहले विकास को अत्यधिक शराब पिलाई ताकि वह अपना बचाव न कर सके।जैसे ही विकास नशे की हालत में जमीन पर गिरा, पवन ने उसका मुंह जमीन पर दबा दिया और लात-घूंसों से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से सुलझाई गुत्थी
19 जुलाई 2026 को दर्ज इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमन कुमार ने सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लेकर कड़ियों को जोड़ा और आरोपी पवन कुमार दास को धर दबोचा।प्रेम-प्रसंग में अपने ही दोस्त की जान लेने वाले आरोपी पवन कुमार दास को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

