गैलेंट्री अवॉर्ड का मिला इनाम, 2018 बैच के पांच दारोगा बने इंस्पेक्टर, साथियों से पांच साल आगे निकले…कुल 37 पुलिसकर्मियों को मिली है पदोन्नति…

 

राँची।झारखण्ड पुलिस में वीरता और अदम्य साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों को विभाग की ओर से बड़ा तोहफा मिला है। नक्सल विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था से जुड़े चुनौतीपूर्ण अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों को समय से पहले पदोन्नति दी गई है। इनमें 2018 बैच के पांच दारोगा भी शामिल हैं, जिन्हें गैलेंट्री अवॉर्ड मिलने के बाद आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ मिला है।इन पदाधिकारियों में रौशन कुमार सिंह, विश्वजीत कुमार सिंह, कुंदन कुमार, अर्जुन कुमार सिंह और प्रभात के नाम शामिल हैं। वीरता पुरस्कार से सम्मानित इन अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए गए अभियानों के दौरान जोखिम उठाकर काम किया था। उनकी इसी बहादुरी को देखते हुए सामान्य पदोन्नति प्रक्रिया से अलग हटकर उन्हें इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति दी गई है।

झारखण्ड में रघुवर दास की सरकार में वर्ष 2018 में बड़े पैमाने पर दारोगा की बहाली हुई थी। इस बैच के कई अधिकारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया और उन्हें लगातार कठिन ऑपरेशनों का हिस्सा बनना पड़ा। जंगल और दुर्गम इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में कई

इसी अदम्य साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए इन अधिकारियों को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद पुलिस सेवा में वीरता पुरस्कार प्राप्त अधिकारियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ मिला। यानी जिस पदोन्नति के लिए उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत कई वर्ष इंतजार करना पड़ता, वह वीरता के कारण समय से पहले मिल गई।

2018 बैच के साथियों से कई साल आगे
इस प्रमोशन की सबसे खास बात यह है कि 2018 बैच के अधिकांश दारोगा अभी सामान्य सेवा प्रक्रिया के तहत अपने पद पर ही काम कर रहे हैं। वहीं वीरता पुरस्कार पाने वाले इन पांच अधिकारियों को इंस्पेक्टर पद पर पहुंचने का मौका काफी पहले मिल गया है।इस तरह ये अधिकारी अपने ही बैच के कई साथियों से करीब पांच वर्ष तक आगे निकल गए हैं। विभागीय आदेश में पदोन्नति से जुड़ी विभिन्न प्रभावी तिथियां भी दर्ज हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि इन अधिकारियों को उनकी पात्रता और संबंधित सेवा अवधि के आधार पर लाभ दिया गया है।

बताया जाता है कि वर्ष 2021-22 के दौरान इन अधिकारियों की भूमिका नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण रही थी। उस दौरान झारखंड के कई इलाकों में सुरक्षाबलों और पुलिस की ओर से नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे थे। ऐसे अभियानों में पुलिस अधिकारियों को अपनी जान जोखिम में डालकर ऑपरेशन का नेतृत्व करना पड़ता है।इन्हीं अभियानों में बेहतर प्रदर्शन और अदम्य साहस के लिए संबंधित अधिकारियों को वीरता सम्मान मिला। अब उसी वीरता का असर उनके करियर पर भी दिखाई दिया है। दारोगा के रूप में सेवा शुरू करने वाले ये अधिकारी अब इंस्पेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

कई अन्य अधिकारियों को भी मिला प्रमोशन
पदोन्नति आदेश में कई अन्य पुलिस अधिकारियों के नाम और उनकी सेवा संबंधी जानकारी भी दर्ज है। आदेश में अधिकारियों की अलग-अलग प्रभावी तिथियां दर्ज हैं, जिनमें 2019, 2020, 2021, 2022 और अन्य तिथियां शामिल हैं।इससे साफ है कि यह केवल पांच अधिकारियों तक सीमित प्रमोशन नहीं है, बल्कि विभागीय स्तर पर कई पुलिस पदाधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है।

 

नोटिफिकेशन PDF:Gallantry Promotion order

 

पुलिस विभाग में वीरता के आधार पर समय से पहले प्रमोशन को युवा अधिकारियों के मनोबल से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए यह बड़ा संदेश है कि कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और साहस दिखाने का विभाग सम्मान करता है।आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलने से इन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। इंस्पेक्टर के रूप में अब उन्हें थाने और अभियानों में पहले से बड़ी भूमिका निभानी होगी। माना जा रहा है कि अपने अनुभव और नक्सल ऑपरेशन में हासिल अनुभव के आधार पर ये अधिकारी आगे भी पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मान और अब इंस्पेक्टर पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन इन पांच अधिकारियों की कहानी झारखण्ड पुलिस में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए एक मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।

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