1994 बैच पर रिटायरमेंट की मार: आठ महीने में 40 दारोगा बैच के अधिकारी हुए रिटायर, 15 DSP और 25 इंस्पेक्टर खाली कर गए पद

 

राँची।झारखण्ड पुलिस के 1994 बैच पर इस साल सेवानिवृत्ति की मार लगातार जारी है। वर्ष 1994 में दारोगा के पद पर बहाल हुए पांच और पुलिस अधिकारी सोमवार, 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए। इसके साथ ही इस बैच के 40 अधिकारी इस वर्ष अब तक पुलिस सेवा से विदा हो चुके हैं। इनमें 15 डीएसपी और 25 पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं। लंबे समय तक थानों से लेकर जिलों और पुलिस विभाग की अहम जिम्मेदारियां संभालने वाले इन अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस महकमे में कई पद रिक्त हो गए हैं।

सोमवार को सेवानिवृत्त होने वालों में डीएसपी बैजू उरांव, डीएसपी राजेश कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर रमेश कुमार सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर आशुतोष प्रताप नारायण और पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह शामिल हैं। डीएसपी बैजू उरांव वर्तमान में गुमला जिले में पदस्थापित थे, जबकि अन्य अधिकारी भी राज्य के अलग-अलग जिलों और इकाइयों में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

आठ महीने में 40 अधिकारियों की विदाई
इस वर्ष 31 अगस्त तक 1994 बैच के 40 अधिकारियों की सेवानिवृत्ति पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। एक जनवरी से 31 अगस्त 2026 के बीच अलग-अलग महीनों में बड़ी संख्या में अधिकारी सेवा से मुक्त हुए। जनवरी में सबसे अधिक 16 अधिकारियों ने सेवानिवृत्ति ली।

31 जनवरी को 16 अधिकारी रिटायर हुए। इनमें डीएसपी सिप्रियन बागे और इंस्पेक्टर संजय कुमार के अलावा डीएसपी अखिलेश्वर प्रसाद मंडल, शैलेश प्रसाद, सरोज कुमार सिंह और विनोद उरांव शामिल थे। इसी दिन पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन-1, प्रदीप चौधरी, सुमन कुमार सिन्हा, विश्वनाथ सिंह, बंधन भगत, परमानंद बिरुवा, प्रभु सहाय एक्का, प्रदीप कुमार महतो, कृष्ण कुमार साहू और सकलदीप सिंह भी सेवानिवृत्त हुए।

28 फरवरी को तीन अधिकारियों की सेवा समाप्त हुई। इनमें डीएसपी अनूप बी. केरकेट्टा तथा पुलिस इंस्पेक्टर किशुन दास और रामेश्वर राम शामिल हैं।
31 मार्च को तीन अधिकारी सेवानिवृत्त हुए। इनमें डीएसपी बीरेंद्र बाड़ा तथा पुलिस इंस्पेक्टर सत्यम कुमार और कमलेश कुमार शामिल हैं।
31 मई को पांच अधिकारियों ने पुलिस सेवा से विदाई ली। इनमें डीएसपी रतिभान सिंह, सुधीर प्रसाद साहू और अजय कुमार के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर मनोज कुमार गुप्ता और फ्रांसिस जेवियर बाड़ा शामिल थे।
30 जून को भी पांच अधिकारी रिटायर हुए। इनमें डीएसपी कुलदीप टोप्पो तथा पुलिस इंस्पेक्टर रंजीत सिन्हा, सुधीर पोद्दार, नंद किशोर साह और रामाकांत ओझा शामिल हैं।
31 जुलाई को तीन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति हुई। इनमें डीएसपी मंजू कश्यप तथा पुलिस इंस्पेक्टर शिव गोप और विष्णु देव चौधरी शामिल हैं।
इसके बाद 31 अगस्त को पांच अधिकारियों की सेवानिवृत्ति हुई। इनमें डीएसपी बैजू उरांव और राजेश कुमार तथा पुलिस इंस्पेक्टर रमेश कुमार सिंह, आशुतोष प्रताप नारायण और अशोक कुमार सिंह शामिल हैं।

40 पद खाली, पुलिस बल की कमी पर बढ़ी चिंता
एक ही बैच से बड़ी संख्या में अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने का असर पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ना स्वाभाविक है। राज्य में पहले से ही पुलिस बल की कमी लगातार चुनौती बनी हुई है। सिपाहियों और पर्याप्त संख्या में कनीय पुलिस पदाधिकारियों की कमी के कारण कई जगह पेट्रोलिंग वाहनों में भी मानक के अनुरूप बल उपलब्ध नहीं हो पाता है।बल की कमी का सीधा असर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर भी पड़ रहा है। कई जवानों और पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। कई स्थानों पर 12-12 घंटे की ड्यूटी पुलिसकर्मियों की मजबूरी बनी हुई है। इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने से भी पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है।

ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में अनुभवी डीएसपी और इंस्पेक्टर के सेवानिवृत्त होने से विभाग के सामने रिक्त पदों को भरने और उपलब्ध अधिकारियों पर बढ़ते काम के दबाव को संतुलित करने की चुनौती खड़ी हो गई है। 1994 बैच के इन अधिकारियों ने करीब तीन दशक तक पुलिस विभाग में सेवा दी और अब इनके अनुभव की जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी संभालनी होगी।

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