#Durga puja:बड़कागढ़ राजपरिवार द्वारा आज माता की शोभायात्रा निकाली गई,378 वर्षों से ऐतिहासिक परंपरा को निभा रहा है स्वंत्रता सेनानी का परिवार ..

Ranchi:भगवती माँ चिंतामणि और माता पत्रिका की शोभायात्रा दिन के 10:30 बजे ऐतिहासिक ठाकुर निवास बड़कागढ़ से आनी मौजा स्थित प्राचीन देवी घर के लिए निकाली गई।बड़कागढ़ ईस्टेट के राज परिवार के सदस्यों और ईस्टेट के विभिन्न मौजा के पाहन, कोटवार, महतो, पनभोरा आदि शोभायात्रा में सामिल हुए।माँ भगवती चंडिका का आविर्भाव मान-पत्ता, अशोक पत्ता, बेलपत्र, बेल, डूमर, पाकड़, आम्रपाली आदि से किया जाता है। मां को बांस की बनी डोली में बैठाकर ठाकुर निवास बड़कागढ़ जगन्नाथपुर से आनी सीमान स्थित प्राचीन देवी घर विग्रहों के साथ लाया गया। माता के शोभायात्रा में शंख, ढ़ोल, ढाक, नगाड़ा, सहनाई, घंट, घंटी, तुरही जैसे पारंम्परिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग और भक्तों के जयकारों से वातावरण गूंजयमान हो गया। यह प्राचीन परम्परा हैं मां की डोली का पर्दा राज परिवार की बहू की साड़ी से ढका और सजाया गया।
इसके उपरांत माता की पूजा अर्चना, माता की आरती एवम प्रसाद चढ़ाया गया तथा बड़कागढ़ स्टेट के राजपुरोहित द्वारा सभी को आशीर्वादी के रूप में प्रसाद एवं फूल दिया गया।

378 वर्षों से ऐतिहासिक परंपरा को निभा रहा है स्वंत्रता सेनानी का परिवार :-

इस कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन किया गया। मां भगवती चिंतामणि से प्रार्थना की कि आप सभी का कल्याण करे और हमसबो पर अपना आशीर्वाद बनाएं रखे।

1642 ई. से दुर्गा पूजा ऐतिहासिक परंपराओं के साथ मनाया जाता रहा है। बड़कागढ़ ईस्टेट की इष्ट देवी मां भगवती चिंतामणि एवं मां चंडिका (पत्रिका)की पूजा तांत्रिक पद्धति से की जाती है। बड़कागढ़ ईस्टेट के ठाकुर पूजा के यजमान होते हैं। विगत 35 वर्षों से ठाकुर नवीन नाथ शाहदेव यजमान हैं। 1857 ई. में प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के जननायक स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव बड़कागढ़ ईस्टेट के सातवें ठाकुर थे। ठाकुर ऐनी नाथ शाहदेव बड़कागढ़ ईस्टेट के प्रथम ठाकुर थे, जिन्होंने ऐतिहासिक धार्मिक श्री श्री जगन्नाथ स्वामी के विशाल मंदिर की स्थापना की।जगन्नाथपुर मंदिर की स्थापना उदयपुर परगना के जगन्नाथपुर मौजा में सन् 1691 ई. में की गई। ठाकुर एनी नाथ शाहदेव द्वारा 1642 ई. से मां भगवती चिंतामणि व मां पत्रिका की पूजा प्रारंभ किया गया था।बड़कागढ़ इस्टेट बना उदयपुर और सिरी परगना जो छोटानागपुर का अभिन्न अंग था।

ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के फांसी होने के बाद उनके पुत्र ठाकुर कपिल नाथ शाहदेव ने 1880 ई. से आनी मौजा क्षेत्र में मां भगवती चिंतामणि (दुर्गा) की पूजा विधि विधान से प्रारंभ की। उसी समय से आज तक परंपरा निभाया जाता आ रहा है।

सारी जानकारियाँ इनके द्वारा मिली:- ठाकुर नवीन नाथ शाहदेव ठाकुर बड़कागढ़ ईस्टेट
प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव एवं प्रथम सेवक सेवाईत जगन्नाथपुर मंदिर बड़कागढ़ जगन्नाथपुर,राँची।
मो0 – 9430333380