बिहार लॉकडाउन: 10 दिन बढ़ा लॉकडाउन, सख्ती भी बढ़ी अब 4 घंटे खुलेंगी फल-सब्जी की दुकानें

पटना। बिहार में लॉकडाउन को अगले 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। अब 25 मई तक पाबंदियां पहले की तरह ही जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी समीक्षा में लॉकडाउन का पॉजिटिव इम्पैक्ट दिखा है। इसलिए इसे बढ़ाने का फैसला किया गया है। बढ़े हुए लॉकडाउन में शादी-विवाह पर और सख्ती की गई है। अब इसमें 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

लॉकडाउन में नए नियम…

शादी-विवाह में अब 20 लोगों को ही अनुमति। अभी तक बिना DJ/बारात 50 लोग आ सकते थे।
शहरी इलाकों में सुबह 6 से 10 तक दुकानें खुलेंगी। ग्रामीण इलाकों में अब सुबह 8 से 12 तक खुलेंगी। पहले यह समय दोनों इलाकों के लिए सुबह 7 से 11 था।
अब कोविड अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के लिए सामुदायिक किचन खोला जाएगा।
किसानों के लिए बीज एवं खाद की दुकानें सोमवार एवं गुरुवार को सुबह 6 बजे से 10 बजे तक खुलेंगी।
लीची और आम की पेटी बनाने के लिए सीमित संख्या में आरा मिलों को खोलने की अनुमति दी गई है।
ये पाबंदियां 25 मई तक जारी रहेंगी…

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सभी सरकारी-प्राइवेट ऑफिस 25 मई तक बंद रहेंगे। इनमें सिर्फ जरूरी सेवाओं से संबंधित कार्यालयों को ही खोलने की अनुमति है।
25 मई तक सड़क पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। अनावश्यक पैदल निकलना भी प्रतिबंधित।
सभी स्कूल/कॉलेज/कोचिंग संस्थान/ ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
सरकारी स्कूल/कॉलेजों में किसी तरह की परीक्षा नहीं होगी।
सभी धार्मिक स्थल, सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन/ खेल-कूद/ शैक्षणिक/ सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन/ समारोह।
सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क।
सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक।
लॉकडाउन में इनको मिलेगी छूट…

अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान (पशु स्वास्थ्य सहित)। दवा दुकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस सेवाएं।
ठेले पर घूमकर फल-सब्जी बेचने वाले (सिटी में सुबह 6 से 10 बजे तक, गांवों में सुबह 8 से 12 बजे तक)।
रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानें केवल होम डिलीवरी के लिए सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक। NH पर स्थित ढाबे take home के आधार पर।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा तथा शहरी क्षेत्रों में शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत किए जाने वाले कार्य।
जरूरी सरकारी-निजी सेवाओं में किनको छूट…

जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायरब्रिगेड, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से संबंधित कार्यालय।
बैंकिंग, बीमा, एवं ATM से जुड़ी सेवाएं, औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से संबंधित प्रतिष्ठान। सभी प्रकार के निर्माण कार्य (Construction Works)।
E-commerce से जुड़ी सारी गतिविधियां, कृषि एवं इससे जुड़े कार्य। कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएं।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीकम्यूनिकेशन, इंटरनेट सेवाएं, ब्रॉडकास्टिंग एवं केबल सेवाएं।
पेट्रोल पम्प, LPG, पेट्रोलियम से संबंधित खुदरा एवं भंडारण प्रतिष्ठान। निजी सुरक्षा सेवाएं।
आवश्यक खाद्य सामग्री तथा फल एवं सब्जी/मांस-मछली/ दूध/PDS दुकानें (ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर)
सड़क पर निकलने की इनको छूट…

रेल-हवाई सफर के लिए जा सकेंगे।
आवश्यक कार्यों में शामिल सेवाओं के कर्मी निजी वाहनों से जा सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वाहन चल सकेंगे।
आवश्यक सेवा से जुड़े सरकारी वाहन।
वैसे वाहन जिन्हें जिला प्रशासन से पास प्राप्त है।
इंटरस्टेट यात्रा करने वाले वाहन आ-जा सकेंगे।
शादी समारोह, अंतिम संस्कार/श्राद्ध में क्या छूट
शादियां में अब 20 लोगों की ही अनुमति रहेगी। इसमें बारात, जुलूस और DJ नहीं रहेंगे। 3 दिन पहले नजदीकी थाने को सूचना देनी होगी। अंतिम संस्कार-श्राद्ध में भी 20 व्यक्तियों की अनुमति होगी।

15 मई को खत्म हो रही थी मियाद
राज्य में जारी लॉकडाउन की मियाद 15 मई को खत्म हो रही थी। लॉकडाउन का असर और इसे और बढ़ाने को लेकर सभी जिलों के CMO और DPM के साथ डॉक्टर्स से भी फीडबैक लिया जा रहा था। राज्य के 90% अधिकारियों ने इसे प्रभावी बताते हुए लॉकडाउन के साथ वैक्सीनेशन बढ़ाने की बात कही। वहीं, पटना जिला प्रशासन ने सरकार को 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।

लॉकडाउन से संक्रमण की रफ्तार थमी
इससे पहले बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर मंथन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मेडिकल अफसरों ने माना है कि लॉकडाउन ही कोरोना की रफ्तार रोकने का एक बड़ा हथियार है। लॉकडाउन का असर यह हुआ है कि जिले में संक्रमण दर में तेजी से कमी आई है। पटना शहर में संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है, जो अब लगातार घट रही है। ऐसे में लॉकडाउन बढ़ाने से इसमें और सुधार होने की उम्मीद है।

  • Dainik Bhaskar
    13 दिन बाद मिली राहत
    राज्य में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या एक लाख के नीचे चली गई है। बुधवार को राज्य में एक्टिव केस 99,623 थे। 29 अप्रैल को पहली बार सक्रिय मरीजों की संख्या एक लाख के पार पहुंची थी। इन 13 दिनों में 1.46 लाख लोग ठीक हुए हैं। रिकवरी रेट भी बढ़कर 83.43% पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री बोले- रिकवरी रेट में भी बढ़ोतरी
उधर, नीतीश ने लोगों से कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण कम हो रहा है, रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है। हम सब मिलकर कोरोना को जरूर हराएंगे। दुनिया भर के लोगों की तरह हम भी कोरोना से जूझ रहे हैं। बिहार में पिछले वर्ष इस बीमारी से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाये गये थे। परिणाम हुआ था कि 8 मार्च 2021 को कोरोना के मरीजों की संख्या घटकर सिर्फ 248 रह गई।